जालौन

मरीजों की समस्याओं के त्वरित समाधान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं होंगी प्राथमिकताःडॉ. महेन्द्र सिंह

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। राजकीय मेडिकल कॉलेज, जालौन के नवागत प्राचार्य डॉ. महेन्द्र सिंह ने पदभार ग्रहण करने के उपरांत अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, उनकी शिकायतों का त्वरित निस्तारण तथा चिकित्सा सेवाओं में जनसहभागिता को बढ़ावा देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
मूल रूप से कानपुर देहात के निवासी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि उन्हें बुंदेलखंड की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ यहां की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों की अच्छी समझ है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में केवल दवाइयां ही नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का विनम्र व्यवहार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनका मानना है कि मरीजों के साथ सहानुभूतिपूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार से उनकी आधी बीमारी स्वतः कम हो जाती है। डॉ. सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्मित नया क्रिटिकल केयर सेंटर भवन लगभग पूर्ण रूप से तैयार है और उसका संचालन इसी माह प्रारंभ कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए वह शासन एवं उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक स्वीकृतियां एवं औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराने का प्रयास करेंगे, ताकि गंभीर मरीजों को उन्नत उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं नियमित रूप से ओपीडी समय में मरीजों के बीच उपस्थित रहने का प्रयास करेंगे, जिससे उनकी समस्याओं और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं की सतत निगरानी कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाया जाएगा। करीब 28 वर्षों तक पैथोलॉजी विभाग में सेवाएं दे चुके डॉ. महेन्द्र सिंह इससे पूर्व गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज) में पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा में भी अपनी सेवाएं दी हैं। चिकित्सा शिक्षा, पैथोलॉजी एवं प्रशासनिक अनुभव का लाभ अब राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन को मिलने की उम्मीद है। नवागत प्राचार्य के आगमन से मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुविधा तथा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए सुधारों की संभावनाएं बढ़ गई हैं। उनकी कार्यशैली और अनुभव से कॉलेज के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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