गोड्डा

उपायुक्त ने सुन्दर जलाशय में मत्स्य अंगुलिकाओं का किया गया संचयन

सुंदर जलाशय में मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर लोगों को बनाएं आत्मनिर्भर : डीसी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
लाभुकों के बीच 30 लाइव जैकेट एवं 6 गिलनेट  वितरित
गोड्डा। जिले के बोआरीजोर प्रखंड क्षेत्र के सुन्दर जलाशय में डीसी अंजली यादव की ओर से लगभग तीन लाख मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार, उपविकास आयुक्त दीपक कुमार दूबे मौजूद थे। सुंदर जलाशय में इस वर्ष पहली बार केज पद्धति से मत्स्य पालन किया जा रहा है।वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत डैम मे कुल 15 लाभुकों  को 15 केज उपलब्ध कराया गया। इस योजना का उद्देश्य मछली उत्पादन और उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि करना है, साथ ही आधुनिक तकनीक, आधारभूत संरचना और वैज्ञानिक मत्स्य प्रबंधन के माध्यम से इस क्षेत्र को सुदृढ़ बनाना है। केज कल्चर मछली पालन का वह तकनीक है, जिसमें जलाशय में निर्धारित जगह पर फ्लोटिंग केज यूनिट बनाए जाते हैं। सभी यूनिट एक दूसरे से जुड़े होते हैं। एक यूनिट में चार घेरा होते हैं। जीआई पाईप के बने घेरे के चारों और मजबूत जाल होता है, जिसे कछुआ या अन्य जलीय जीव काट नहीं सकते। पानी में तैरते हुए इसी जाल के घेरे में मछली पालन किया जाता है। इन जालों में अंगुलिकाओं की साईज की मछलियां पालने के लिए संचयन की जाती है, मछलियों को प्रतिदिन आहार दिया जाता है। केज कल्चर पद्धति से मत्स्य कृषकों को स्वावलम्बी/आत्म निर्भर बनाने हेतु योजनाओं का संचालन की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान लाभुकों के बीच 30 लाइव जैकेट एवं 6 गिलनेट  वितरित की गई। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्‍त द्वारा जिला मत्स्य पालन पदाधिकारी को सुंदर डेम में वृहद रूप से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को मत्स्य पालन के लिए प्रेरित करने और रोजगार के लिए बढ़ावा के दिशा में किए जाने वाले कार्यों को लेकर कई आवश्यक निर्देश दिए गए। उपरोक्त के अलावा जिला मत्स्य पदाधिकारी सुशील हांसदा, प्रखंड विकास पदाधिकारी, बोआरीजोर, अंचलाधिकारी बोआरीजोर, जलाशय समिति के प्रतिनिधि जर्मन बास्की, लखन सोरेन, केज  मित्र एवं जलाशय समिति के सदस्य सहित मत्स्य विभाग के कर्मी मौजूद थे।
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