झुंझुनू
आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गाँधी ने किया गाँधी आश्रम का अवलोकन

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
झुंझुनूं सूरजगढ़। राष्ट्रीय साहित्यिक, सांस्कृतिक व सामाजिक संस्थान आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष और लेखक, विचारक व दार्शनिक और गाँधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता धर्मपाल गाँधी ने अजमेर जिले में हटूण्डी गाँव में स्थित गाँधी आश्रम का अवलोकन किया। आजादी से पहले कभी गाँधी आश्रम राजस्थान में क्रांति का केंद्र होता था, वह आज महिलाओं को शिक्षित और प्रशिक्षित करने का का केंद्र है। राजस्थान के अजमेर जिले में स्थिति यह स्थान किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचारों से प्रभावित होकर अनेक महापुरुषों ने आजादी के आंदोलन में भाग लेने के साथ ही सामाजिक सुधार आंदोलनों को आगे बढ़ाते हुए बहुत से रचनात्मक कार्य किये हैं। अजमेर जिले में स्थित गाँधी आश्रम भी इसी खोज का परिणाम है। साहित्यकार धर्मपाल गाँधी ने बताया कि गाँधी आश्रम का अवलोकन करने की बाद हमें ज्ञात हुआ कि अजमेर जिले में हटूण्डी गांव में स्थित गाँधी आश्रम की स्थापना 1927 में पंडित हरिभाऊ उपाध्याय के द्वारा की गई थी। हरिभाऊ उपाध्याय महात्मा गाँधी के विचारों से प्रभावित होकर स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानी थे। वह राजस्थान में विलय से पहले अजमेर राज्य के मुख्यमंत्री थे। बाद में वह राजस्थान सरकार में वित्त मंत्री और शिक्षा मंत्री भी रहे थे। हरिभाऊ उपाध्याय का यहां पर गाँधी आश्रम स्थापित करने का उद्देश्य राजस्थान में देश की आजादी के लिए क्रांति की अलख़ जगाना और महिलाओं को; विशेषकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को शिक्षित करना था। गाँधी आश्रम को आज महिला शिक्षा सदन के नाम से जाना जाता है। गाँधी आश्रम परिसर मे वर्तमान में महिला b.ed कॉलेज, कमला नेहरू बालिका विद्यालय, बीएसटीसी कॉलेज, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति महिला छात्रावास, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रशिक्षण केंद्र, महिला शिक्षण व प्रशिक्षण महाविद्यालय और छात्रावास संचालित हैं। संस्थान परिसर में अहिंसा पंचायतन भवन सर्व धर्म समादर केंद्र भी बना हुआ है, जिसका उद्घाटन 11 सितंबर 1972 को राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी द्वारा किया गया था। गाँधी आश्रम के निर्माण में स्वतंत्रता सेनानी और उद्योगपति सेठ जमनालाल बजाज काफी बड़ा योगदान रहा है। उनके द्वारा पानी के लिए खुदवाया गया कुआं आज भी आश्रम में मौजूद है। महिला शिक्षा सदन गाँधी आश्रम का वातावरण साफ सुथरा और स्वच्छ है। यहां पर बहुत शांति है। संस्थान के परिसर में कस्तूरबा गाँधी, हरिभाऊ उपाध्याय और महात्मा गाँधी की प्रतिमाएं लगी हुई हैं। संस्था प्रधान डॉ. रविकांत यादव से चर्चा के दौरान महिला शिक्षा सदन गाँधी आश्रम के बारे में बहुत सी जानकारियां मिली। गाँधी आश्रम में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गाँधी और स्वतंत्रता सेनानी जमनालाल बजाज के अलावा अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने यहां पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। लेखक धर्मपाल गाँधी ने संस्था प्रधान डॉ. रविकांत यादव को महाविद्यालय की लाइब्रेरी के लिए स्वतंत्रता संग्राम पर लिखी गई ‘क्रांति का आगाज़’ और ‘आज़ादी की राहों में’ पुस्तक भेंट की। इस मौके पर कैलाश चंद्र चौहान, कानाराम कांटीवाल, उप सरपंच राकेश कुमार भी मौजूद रहे। गाँधी आश्रम का ऐतिहासिक भ्रमण करवाने के लिए आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गाँधी ने अजमेर जिले के सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश चंद्र चौहान का आभार व्यक्त किया।




