
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लाइब्रेरी सभागार में कार्यशाला आयोजित
गोड्डा। झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण रांची के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नालसा (नशे के प्रति जागरुकता और नशा मुक्त भारत योजना ) 2025 के तहत आयोजित जन जागरुकता अभियान के अंतिम दिन सोमवार को विभिन्न स्टेक होल्डरों के साथ व्यवहार न्यायालय परिसर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विधिवत उद्धाटन डालसा के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार, परिवार न्यायालय के प्रधान जज अनिल कुमार पांडेय, जिला जज प्रथम कुमार पवन, जिला जज द्वितीय निरूपम कुमार, जिला जज तृतीय रीचा श्रीवास्तव, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार झा, महासचिव योगेश चंद्र झा, अनुमंडल पदाधिकारी बैद्यनाथ उरांव, डीएसपी जेपीएन चौधरी, साथी के निदेशक कालेश्वर मंडल आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन मध्यस्थ सह अधिवक्ता नूतन तिवारी ने की। जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दीपक कुमार द्वारा किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने कहा कि नशा मुक्ति को लेकर 2026 से ही अभियान चल रहा है। लेकिन नशा करने वालों की संख्या में बढ़ रही है। ऐसे में नालसा व झालसा की पहल पर नशा मुक्ति का राष्ट्रीय अभियान एक स्प्ताह से चल रहा है। नशा मुक्ति का अभियान सतत चलाने की जरुरत है। समाज के सभी वर्गाें के सहयोग से ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव हो सकेगा। प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास नशा करने वाले काै नशा मुक्त करने की दिशा में पहल करने की जरुरत है। सदर अस्पताल में भी नशा के शिकार व्यक्ति के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित हो। परिवार न्यायालय के प्रधान जज अनिल कुमार पांडेय ने कहा कि विकासशील देशों में नशा करने वालों की अधिकता रहती है। सरकार एक ओर नशा मुक्ति अभियान चला रही है तो दूसरी ओर शराब का ठेका दे रही है। शराब की दुकानें विद्यालयों के आसपास खोली जा रही हैं। यह विरोधाभाष है और सरकार की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। कहा कि स्कूलों में नौनिहालों को प्राथमिक स्तर से ही नशामुक्ति का पाठ पढ़ने की जरुरत है।नशा करने वाला समाज में विकृति पैदा करता है। नशा के कारण महिलाओं को जयादा प्रताड़ित होना पड़ता है। सारी अपराध की जननी नशा पान करना ही है। स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर युवाओं को संकल्प लेने की जरुरत है। गोड्डा कालेज के मनोविज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डा. संगीता ने नशा के मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर विस्तृत प्रकाश डाले। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार झा ने नशा मुक्ति को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सतत जागरुकता अभियान चलाने का आह्वान किया। इसके अलावा अधिवक्ता संघ के महासचिव योगेश चंद्र झा, एसडीओ बैद्यनाथ उरांव, साथी के निदेशक कालेश्वर मंडल, डीएसपी जेपीएन चौधरी, प्रशिक्षु डीएसपी कुमार गौरव आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर तमाम न्यायिक पदाधिकारी, एलएडीसी, मध्यस्थ, पैनल अधिवक्ता, युवा व अधिकार मित्र उपस्थित थे।




