ग्राम ट्योढी में चुनावी माहौल गर्माया
भावी प्रधान पद प्रत्याशी शिवकुमार शर्मा (कालू) का विशेष इंटरव्यू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ग्राम ट्योढी (बागपत)। ग्राम पंचायत चुनाव नज़दीक आते ही ट्योढी गांव में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में नेशनल प्रेस टाइम्स की टीम ने ग्राम प्रधान पद के भावी प्रत्याशी शिवकुमार शर्मा (कालू) से एक विशेष बातचीत की। उन्होंने अपने विचार खुलकर साझा किए और ग्राम विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला।
प्रश्न 1: शिवकुमार जी, यह आपका पहला चुनाव है या पहले भी आपने भाग लिया था?
उत्तर: पिछली योजना में मेरे बेटे अंकित शर्मा ने प्रधान पद का चुनाव लड़ा था। जनता का भरपूर समर्थन मिला था, लेकिन कुछ ही मतों के अंतर से जीत हाथ से निकल गई। इस बार पूरे परिवार और समर्थकों की सहमति से मैंने स्वयं चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। मुझे विश्वास है कि इस बार जनता हमें आशीर्वाद देकर सेवा का अवसर देगी।
प्रश्न 2: यदि आप जीतते हैं तो ग्राम ट्योढी के लिए आपकी प्राथमिकताएं क्या रहेंगी?
उत्तर: हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता गांव का सर्वांगीण विकास होगा।
- गांव में सड़क, नाली और जल व्यवस्था को बेहतर बनाना,
- युवाओं के लिए रोज़गार और खेलकूद के अवसर बढ़ाना,
- महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए ठोस कदम उठाना,
- सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचाना।
मैं वादा नहीं, काम करके दिखाना चाहता हूँ।
प्रश्न 3: पिछली बार की हार को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर: हार और जीत चुनाव का हिस्सा है। पिछली बार जो कुछ मतों का अंतर रहा, उसने हमें सीख दी। इस बार हमने जनसंपर्क और संगठन पर विशेष ध्यान दिया है। घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और उसका समाधान करने की योजना बना रहे हैं।
प्रश्न 4: विपक्षी उम्मीदवारों को लेकर आपका क्या कहना है?
उत्तर: मैं सभी प्रत्याशियों का सम्मान करता हूँ। लोकतंत्र में हर किसी को जनता के बीच जाने और अपनी बात रखने का अधिकार है। हम किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि ग्राम विकास के पक्ष में चुनाव लड़ रहे हैं। जनता समझदार है, वह सही निर्णय अवश्य लेगी।
प्रश्न 5: ग्रामवासियों के लिए आपका संदेश?
उत्तर: मैं ट्योढी गांव का बेटा हूँ। मुझे गांव की हर गली और हर समस्या का पता है। अगर जनता ने हमें मौका दिया, तो गांव को तरक्की की राह पर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मेरा एक ही संकल्प है —
“वादा नहीं, काम करेंगे — ट्योढी को विकास की मिसाल बनाएंगे।”



