असम
वरिष्ठ पत्रकार राणा डेका को मिली जान से मारने की धमकी
असम के गुवाहाटी प्रेस क्लब ने की कड़ी निंदा।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा बाक्सा जिले में प्रदर्शनकारी नागरिकों पर की गई कथित बर्बर कार्रवाई की खबर एकत्र करने और उसे प्रसारित करने के कारण नलबाड़ी जिले के ‘पाठशाला’ के वरिष्ठ पत्रकार राणा डेका को धमकी देने का मामला सामने आया है। यह धमकी उस अधिकारी के पिता हितेश देव शर्मा ने दी है, जो स्वयं भी एक उच्च पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी रह चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, इस धमकी से जुड़े प्रमाण अब मीडिया संस्थानों के पास पहुँच चुके हैं। हितेश देव शर्मा ने राणा डेका पर आरोप लगाया है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भड़काने का प्रयास किया और उनके द्वारा तैयार किए गए विजुअल्स को समाचार संस्थान ने “मॉर्फ” किया। इन्हीं आरोपों के आधार पर शर्मा ने पत्रकार को सीधे तौर पर जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुँचाने की धमकी दी — कथित रूप से उन्होंने कहा कि “अगर गाड़ी से कुचल दिया जाए तो क्या होगा” और “उसके 8 साल के बच्चे को कुछ हो जाए तो?” जैसी बातें कहीं। इसी के मद्देनजर असम के गुवाहाटी प्रेस क्लब ने इस घटना की कड़ी निंदा की है, इसे मीडिया जगत पर योजनाबद्ध हमला करार देते हुए कहा कि कुछ निराश और असफल अधिकारी, जो अपने कार्यकाल में निष्क्रिय रहे हैं, अब पत्रकारों को निशाना बनाने में लगे हैं। राणा डेका ने इस मामले में पहले ही एक एफआईआर दर्ज करा दी है। प्रेस क्लब और पत्रकार संघों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, साथ ही कहा है कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पत्रकार संगठन ने राणा डेका और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पत्रकार कभी खुद को कानून से ऊपर नहीं मानते, वे केवल अपना दायित्व निभाते हैं। सच्चाई और जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे पत्रकारों को धमकी देना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।



