एनएच-133ए चौड़ीकरण, 40 रैयतों का मुआवजा लंबित, पुनर्वैधता के बाद एक माह में भुगतान का आश्वासन
NH-133A widening, compensation for 40 tenants pending, assured payment within a month after revalidation

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
बरहरवा/साहिबगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग 133ए के तहत पाकुड़-बरहरवा मुख्य पथ के चौड़ीकरण को लेकर मुआवजा भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे रैयतों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। झारखंड विधानसभा में निसात आलम द्वारा पूछे गये अल्प-सूचित प्रश्न सं०-43 के उत्तर में सरकार ने स्वीकार किया है कि मौजा श्रीकुंड एवं कोटालपोखर में भूमि अधिग्रहण के बाद 40 रैयतों को अब तक मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हो सका है। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, झारखंड, रांची की ओर से दिए गए आधिकारिक उत्तर में बताया गया कि अधिग्रहीत भूमि के मुआवजा भुगतान हेतु राशि व्यक्तिगत लोक लेखा खाते में संधारित है। हालांकि कोषागार से निकासी की वैधता अवधि (दो वर्ष) समाप्त हो जाने के कारण भुगतान प्रक्रिया बाधित हो गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि झारखंड कोषागार संहिता के नियम 334 के अनुसार यदि व्यक्तिगत लोक लेखा खाते में जमा राशि का उपयोग लगातार दो वित्तीय वर्षों तक नहीं किया जाता है, तो उसकी पुनर्वैधता (री-वैलिडेशन) आवश्यक होती है। वर्तमान में उक्त राशि की निकासी के लिए पुनर्वैधता/अवधि विस्तार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। पुनर्वैधता आदेश प्राप्त होने के बाद एक माह के भीतर सभी लंबित रैयतों को मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया जायेगा। विधानसभा में विभाग ने आश्वासन दिया है कि पुनर्वैधता आदेश मिलते ही एक माह के अंदर सभी 40 प्रभावित रैयतों को उनका वैधानिक भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। विधायक निसात आलम ने कहा कि वे प्रभावित रैयतों के हक और न्याय के लिए लगातार प्रयासरत हैं तथा सरकार से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा रखती हैं, ताकि लोगों को उनका अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके। इस संबंध में जानकारी जिला अध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि बरकत खान ने दी।
गौरतलब है कि एनएच-133ए चौड़ीकरण परियोजना क्षेत्रीय विकास एवं सुगम यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में लंबित मुआवजा भुगतान का शीघ्र निष्पादन स्थानीय रैयतों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।



