बागपत

 रिचलुक किड्स पैलेस, बड़ौत – एक सशक्त शुरुआत की पाठशाला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
 विशेष मुलाकात: प्रिंसिपल अनीता जैन
 स्थान: निकट दिल्ली बस स्टैंड, बड़ौत
अनुभव: 6 वर्ष
 विद्यार्थी संख्या: 100+ नन्हे सितारे
बड़ौत के शैक्षिक परिदृश्य में रिचलुक किड्स पैलेस आज एक भरोसेमंद नाम बन चुका है। दिल्ली बस स्टैंड के पास स्थित यह संस्थान पिछले छह वर्षों से नन्हे बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
 प्रिंसिपल अनीता जैन से खास बातचीत
प्रश्न (सुरेंद्र मलानिया): मैम, रिचलुक किड्स पैलेस की शुरुआत का उद्देश्य क्या था?
अनीता जैन: हमारा लक्ष्य सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व का विकास है। हम चाहते हैं कि हर बच्चा आत्मविश्वासी, संस्कारी और रचनात्मक बने।
प्रश्न: 6 वर्षों की यात्रा कैसी रही?
अनीता जैन: शुरुआत में चुनौतियाँ थीं, लेकिन अभिभावकों के विश्वास और हमारी टीम की मेहनत से आज 100 से अधिक बच्चे यहाँ शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है।
प्रश्न: आपकी शिक्षा पद्धति को क्या खास बनाता है?
अनीता जैन: हम लर्निंग बाय प्लेइंग मॉडल अपनाते हैं। रंग-बिरंगी कक्षाएँ, एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग और नैतिक मूल्यों पर विशेष ध्यान हमारी पहचान है।
प्रश्न: अभिभावकों के लिए आपका संदेश?
अनीता जैन: बच्चों को सिर्फ अंक नहीं, संस्कार और आत्मविश्वास दें। सही शुरुआत ही उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है।
 संवाददाता सुरेंद्र मलानिया का वक्तव्य
“रिचलुक किड्स पैलेस में आकर यह स्पष्ट महसूस होता है कि यहाँ शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है। बच्चों की मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और कक्षाओं का जीवंत वातावरण इस बात का प्रमाण है कि यह संस्थान बड़ौत में प्रारंभिक शिक्षा की एक मजबूत नींव तैयार कर रहा है। छह वर्षों में 100 से अधिक बच्चों का विश्वास अर्जित करना किसी भी संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है। मेरा मानना है कि ऐसे प्रयास ही समाज को सशक्त और संस्कारित भविष्य देते हैं।”
 क्यों खास है रिचलुक किड्स पैलेस?
 सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण
 अनुभवी और प्रशिक्षित स्टाफ
 एक्टिविटी एवं स्मार्ट क्लास
 नियमित पैरेंट्स मीटिंग
 बच्चों के सर्वांगीण विकास पर फोकस
रिचलुक किड्स पैलेस ने बड़ौत में प्री-स्कूल शिक्षा को नई पहचान दी है। 6 वर्षों का अनुभव और 100+ बच्चों का विश्वास इस संस्थान की सफलता की कहानी कहता है।
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