धर्म
गुरु-शिष्य परंपरा का महत्वपूर्ण दिवस आज

भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान बहुत ही आदरणीय है। गुरु एक सेतु है जो ज्ञान और शिष्य को जोड़ता है। एक गुरु अपने ज्ञान रूपी अमृत से शिष्य के जीवन में धर्म और चरित्र जैसे बहुमूल्य गुणों का सिंचन कर उसके जीवन को सही दिशा व अर्थ प्रदान करता है
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं। हम सभी के जीवन में गुरुओं का सर्वोच्च स्थान होता है। आज के विशेष अवसर पर मैं उन सभी गुरुजनों को बारंबार प्रणाम करता हूं जिन्होंने अपने आपको दिए की लौ की तरह जलाकर हम सभी के जीवन को उजाले से भर दिया।



