सिवाल खास में बच्चों की मौत के मामले में एनएचआरसी ने लिया स्वत
संज्ञान, मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस

सपा का 15 तक का अल्टीमेटम, महापंचायत का ऐलान
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। विगत दिनों सिवाल खास कस्बे में तीन बच्चोें की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वयं संज्ञान लिया है, जिसमें यह उल्लेख किया गया है कि 3 अगस्त, 2025 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की एक नवविकसित कॉलोनी में निर्माणाधीन भवन स्थल पर एक बिल्डर द्वारा खुला छोड़ा गया छह फुट गहरा गड्ढा तीन बच्चों की मृत्यु का कारण बना। मृतक बच्चों की आयु लगभग 8 से 9 वर्ष के बीच थी। यह दुर्घटना उस समय हुई जब वे बच्चे चॉकलेट खरीदने के बाद दुकान से लौट रहे थे और गड्ढे में गिरकर डूब गए। इस प्रकरण में कई दिन बाद बिल्डर के खिलाफ भी मुकद्दमा दर्ज किया जा चुका है। आयोग का मानना है कि यदि मीडिया में प्रकाशित यह रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से सत्य है, तो यह घटना संबंधित बच्चों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। इस आधार पर आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव तथा राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसमें मामले की जांच की स्थिति और पीड़ितों के परिजनों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का विवरण शामिल होना अपेक्षित है। 5 अगस्त, 2025 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बिल्डर ने लगभग 40 दिन पहले कॉलोनी में छह फुट गहरा गड्ढा खोदकर उसे खुला छोड़ दिया था। गड्ढे में बारिश का पानी भरा हुआ था। इस सम्बन्ध में आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का प्रतिनिधिमण्डल कस्बा सिवाल में मृत अवस्था में मिले तीन बच्चों के पीड़ित परिवारों से मिलने उनके आवास पर पहुँचा। पीड़ित परिवार ने प्रतिनिधिमंडल से कहा पुलिस प्रशासन पिछले 6 दिनों से समय पर समय दिए जा रहा है लेकिन कोई कार्यवाही अभी तक नहीं हुई हैं जिस दिन यह घटना हुई थी उस दिन मुख्यमंत्री मेरठ ज़िले में थे तो पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवार को बता रहा था बच्चों की मौत डबने से हुई है। मुख्यमंत्री के जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने बताया एक बच्चे की गर्दन की हड्डी टूटी हुई मिली है जिससे यह आशंका है कि किसी ने गला घोटकर बच्चे की मौत करी ह।ै इसके अलावा कोई जानकारी नहीं दी है पुलिस प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल से 15 अगस्त तक का समय मांगा है। सपा का कहना है कि 15 तारीख तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता है आरोपी नहीं पकड़े जाते हैं तो 16 तारीख को सिवालखास विधान सभा के कस्बा सिवाल में ही महापंचायत की जाएगी जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय होगी। प्रतिनिधिमंडल में सपा जिलाध्यक्ष विपीन चौधरी विधायक अतुल प्रधान विधायक शहीद मंजूर जिला पंचायत सदास्य व प्रदेश महासचिव सम्राट मलिक पूर्व विधायक योगेश वर्मा पूर्व विधायक प्रभु दयाल वाल्मिकी महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी विधानसभा अध्यक्ष तसव्वर अली अंकित शर्मा किशन फरूख हसन जाटव योगेन्द आदी उपस्थित रहे।



