
नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले लैंप्स के सदस्य/ सचिव एवं बैंक सेवियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।आदिकर्म योगी एवं अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में सहकारिता विभाग, पाकुड़ द्वारा बुधवार को रविन्द्र भवन टाउन हॉल में एक दिवसीय समारोह सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ *उपायुक्त श्री मनीष कुमार, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह, उपाध्यक्ष जिला परिषद अशोक कुमार भगत, जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी चंद्रजीत खलखो, जिला पशुपालन पदाधिकारी तथा डीपीएम जेएसएलपीएस प्रवीण मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला में सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों की जानकारी दी गई। साथ ही सहकारिता समितियों की भूमिका, पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन तथा आमजन को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की रीढ़ है। सहकारिता समितियों के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समितियों का गठन आसान है, किंतु उन्हें प्रभावी रूप से संचालित करना चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपील किया कि सहकारिता से संबंधित प्रत्येक कार्यशाला में प्रशिक्षण सत्र अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि प्रतिभागियों को योजनाओं एवं प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सके। उपायुक्त ने आगे कहा कि सहकारिता का दायरा कृषि, पशुपालन, गव्य, राजस्व एवं अन्य विभागों तक फैला हुआ है। इसे सफल बनाने के लिए ईमानदार प्रयास, पारदर्शिता और लोगों का विश्वास अर्जित करना आवश्यक है। रक्तदान को सहकारिता का सर्वोत्तम उदाहरण बताते हुए उपायुक्त ने कहा कि “रक्तदान किसी परिवार को बचाने का सशक्त साधन है। जैसे समाज में हम सहयोग करते हैं, उसी तरह रक्तदान भी जीवनदायी सहकारिता है। उन्होंने सभी को रक्तदान के लिए प्रेरित किया और इसे समाज की अमूल्य धरोहर बताया। इस अवसर पर विभिन्न सहकारिता समितियों के प्रतिनिधि, विभागीय पदाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र से आए प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



