गाजियाबाद

शिव विहार मेट्रो स्टेशन जलभराव विवाद ने पकड़ा तूल

भाजपा के दो गुट आमने-सामने

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी । शिव विहार मेट्रो स्टेशन पर हुए जलभराव का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। 31 अक्टूबर 2025 को बिना बारिश हुए अचानक जलभराव और भारी जाम लगने के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब भाजपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का कारण बन गया है।
घटना के दिन ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमेन्द्र जांगड़ा और सभासद अंकुश जैन मिकू ने जलभराव के बीच उतरकर खुद जाम खुलवाने का काम किया था। इस मानवीय पहल की चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हुई, लेकिन इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता करतार सिंह घिठौरा ने फेसबुक पर लाइव आकर इन दोनों नेताओं के खिलाफ टिप्पणी कर दी, जिससे विवाद और गहरा गया।
इस टिप्पणी के विरोध में डॉ. प्रमेन्द्र जांगड़ा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ लोनी बॉर्डर थाने पहुंचे और भाजपा नेता करतार सिंह के खिलाफ शिकायती पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।
वहीं, आज भाजपा नेता करतार सिंह घिठौरा भी अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और उन्होंने डॉ. प्रमेन्द्र जांगड़ा व सभासद अंकुश जैन के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपा। करतार सिंह ने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने भाजपा सरकार, विधायक और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गलत टिप्पणियां कीं और जनता को गुमराह किया।
उन्होंने कहा कि जलभराव की वास्तविक जिम्मेदारी नगर पालिका चैयरमैन और अधिकारियों की है, जिन्होंने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया। करतार सिंह ने कहा कि इन लोगों और चैयरमैन की मिलीभगत से जलभराव जैसी स्थिति पैदा की गई, ताकि विधायक और भाजपा की छवि धूमिल हो सके।
करतार सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अनिल कसाना, अनूप फैसला सहित कई लोगों ने अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिनसे उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि उन्हें “कुख्यात अपराधी” और “चरित्रहीन” कहकर बदनाम करने का प्रयास किया गया।
भाजपा नेता ने अपने शिकायती पत्र में दो वीडियो लिंक का भी उल्लेख किया है, जिन्हें उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में सबूत बताया है। उनका कहना है कि यह सब एक साजिश के तहत किया गया है, ताकि पार्टी के भीतर असंतोष फैले और आने वाले चुनाव में भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचे।
इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ जाहिर होता है कि लोनी भाजपा में गुटबाजी खुलकर सामने आ चुकी है। एक ओर डॉ. प्रमेन्द्र जांगड़ा और सभासद अंकुश जैन का गुट है, तो दूसरी ओर करतार सिंह और उनके समर्थकों का। दोनों पक्ष अब खुलेआम एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
लोनी की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि राजनीतिक बयानबाजी और आपसी विवादों के बीच जनता को जलभराव से राहत कब मिलेगी। फिलहाल, इस विवाद ने नगर की सियासत को गर्मा दिया है, और आने वाले दिनों में इस प्रकरण के और गहराने की पूरी संभावना है।
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