सिंगरौली
क्षत्रिय कुलावंत संगठन ने 7 वर्षीय मासूम का कराया इलाज
टूटी हुई हंसली से 4 घंटे तक ट्रॉमा सेंटर में भटकते रहे परिजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। क्षत्रिय कुलावंत संगठन एक बार फिर मानवता की मिसाल बन गया है। संगठन ने एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची का इलाज करवाकर समाज में सेवा का उदाहरण पेश किया है। मिली जानकारी के अनुसार लल्ली बैगा, पिता रसोले बैगा, निवासी डोंगरी, घर में खेलते समय गिर गई थी, जिससे उसकी हंसली (कॉलरबोन) टूट गई। परिजन बच्ची को लेकर सुबह 12 बजे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, लेकिन जानकारी और सहायता के अभाव में 4 घंटे तक इधर-उधर भटकते रहे।
इसी दौरान शाम 4 बजे किसी अन्य कार्य से अंकित सिंह अपने क्षत्रिय कुलावंत संगठन की टीम और अजय शर्मा के साथ जिला अस्पताल पहुंचे।गेट पर मासूम और उसके पिता को देखकर जब टीम को उनकी परेशानी का पता चला, तो संगठन के संस्थापक अंकित सिंह ने तुरंत सारा काम छोड़कर बच्ची के इलाज की जिम्मेदारी ली।
चूंकि उस समय हड्डी रोग विशेषज्ञ मौजूद नहीं थे, इसलिए अंकित सिंह ने अधिकारियों और डॉक्टरों से बात कराकर डॉ. आशीष सिंह को बुलवाया। शाम 5 बजे एक्स-रे हुआ और रिपोर्ट आने के बाद 6 बजे डॉ. आशीष सिंह ने बच्ची की पट्टी बांधकर उपचार किया।
इलाज के बाद मासूम लल्ली और उसके पिता के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। पिता रसोले बैगा ने भावुक होकर कहा — हम सुबह से अस्पताल में थे, कोई इलाज नहीं हुआ। कुछ लोग हमें निजी अस्पताल जाने को कह रहे थे, पर हमारे पास पैसे नहीं थे। आप लोग भगवान बनकर आए। हमारे बच्चे को जीवन मिला।बाद में रात 8 बजे संगठन की टीम ने अपने निजी वाहन से बच्ची और पिता को सुरक्षित घर पहुँचाया। इस पूरे दौरान क्षत्रिय कुलावंत संगठन के तरफ से अंकित सिंह,सतेंद्र सिंह,बृजभूषण सिंह,दशरथ सिंह,सत्यम सिंह,अवध सिंह,विकेश सिंह के साथ अजय शर्मा और मनीष पांडेय का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
संगठन ने डॉ. आशीष सिंह सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
संगठन के संस्थापक अंकित सिंह ने कहा — “अस्पताल में एक पूछताछ केंद्र होना चाहिए ताकि दूरदराज से आने वाले मरीजों को भटकना न पड़े। बाहर सक्रिय दलालों पर भी प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, जो गरीब मरीजों को गुमराह करते हैं, और लालच देकर उन्हें निजी अस्पताल लेकर चले जाते हैं।”



