भरत पुर
31 गाँवों का महासंगम: 16 फरवरी को मुखेना में ऐतिहासिक विशाल भंडारा
नौ फरवरी से प्रवाहित हो रहा भागवत अमृत, महायज्ञ और पूर्णाहुति के साथ आज होगा दिव्य समापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर। ग्राम मुखेना (तहसील वैर, जिला भरतपुर) इन दिनों केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि जीवंत आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन गया है। 9 फरवरी से प्रारंभ हुआ संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ निरंतर भक्ति, वेदमंत्रों और हरिनाम संकीर्तन की पावन ध्वनि से वातावरण को आलोकित कर रहा है। सात दिनों से ग्राम की प्रातःकालीन वायु से लेकर सायंकालीन आकाश तक श्रद्धा की अनुभूति स्पंदित हो रही है।
अब यह महाआयोजन 16 फरवरी को आयोजित होने वाले महायज्ञ, पूर्णाहुति और 31 गाँवों के विशाल भंडारे के साथ पूर्णता को प्राप्त करेगा। समापन दिवस को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह और व्यापक तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
9 फरवरी: गणेश पूजन और कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ
भागवत सप्ताह का शुभारंभ 9 फरवरी को विधिवत गणेश पूजन एवं भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। ग्राम की गलियों में श्रद्धालुओं की सहभागिता और भक्तिमय नारों की गूंज ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। उसी मंगल बेला में श्रीमद्भागवत कथा का आरंभ हुआ, जो प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से सायं 5 बजे तक जारी रहा।
प्रतिदिन कथा: भक्ति से मुक्ति की ओर
परम श्रद्धेय श्री दामोदर कौशिक जी महाराज (श्रीधाम गोवर्धन वाले) के श्रीमुख से भागवत कथा का अमृत प्रवाह निरंतर बहता रहा। परीक्षित जन्म, श्री शुकदेव आगमन, ध्रुव-प्रह्लाद की अडिग साधना, राम-कृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन लीला, रासलीला, सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष जैसे प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक उन्नयन का मार्ग दिखाया।
15 फरवरी: शिव परिवार प्रतिष्ठा और 151 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा
धर्मोत्सव का अत्यंत भावपूर्ण क्षण 15 फरवरी को देखने को मिला, जब शिव परिवार की विधिवत प्रतिष्ठा (मंदिर स्थापना) संपन्न हुई। इस अवसर पर निकली भव्य कलश यात्रा में 151 महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ सिर पर कलश धारण किए, जो ग्राम की सांस्कृतिक शक्ति और नारी सहभागिता का प्रेरक प्रतीक बन गया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच यह अनुष्ठान संपन्न हुआ।
16 फरवरी: महायज्ञ, पूर्णाहुति और 31 गाँवों का विशाल भंडारा
आज 16 फरवरी को आयोजित महायज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ यह सप्ताहव्यापी ज्ञान यज्ञ पूर्णता को प्राप्त करेगा। इसी पावन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे के लिए आयोजकों ने 31 गाँवों को सपरिवार निमंत्रण प्रेषित किया है। यह भंडारा केवल प्रसादी वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा-भाव और एकता का विराट उत्सव होगा। आयोजक परिवार ने समस्त श्रद्धालुओं, क्षेत्रवासियों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से निवेदन किया है कि वे अधिकाधिक संख्या में पधारकर प्रसादी ग्रहण करें और इस पुण्य अवसर के सहभागी बनें।
इस सम्पूर्ण धार्मिक कार्ययोजना का नेतृत्व चंद्रशेखर शर्मा, पुत्र श्री शिवलाल शर्मा द्वारा श्रद्धा, संगठन और समर्पण भाव से किया गया। उनके मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों—एडवोकेट डालचंद, सोनम शर्मा, महावीर प्रसाद, महेन्द्र मीणा, तिमन पाठक, संतोष, रमाकांत, पवित्र एवं सर्वेश मुखेना—ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही ग्राम के सम्मानित नागरिकों शिवलाल, धनीराम, पारस, मुंशीलाल, योगेश छगन, प्रेमसिंह मीणा, रामेश्वर, बिरजू, योगेश रमनलाल आमोली, मेवाराम मीणा, मुकेश पाठक, कैलाशचंद एवं जयदेव सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की प्रतिष्ठा को और अधिक ऊँचाई प्रदान की।
भागवत सप्ताह के इस पावन अवसर ने मुखेना को केवल धार्मिक अनुष्ठान का केंद्र नहीं बनाया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि जब श्रद्धा, संगठन और सेवा एक साथ चलते हैं, तो एक साधारण ग्राम भी आध्यात्मिक महाकुंभ का स्वरूप धारण कर लेता है। 16 फरवरी का विशाल भंडारा उसी एकता, उसी संस्कृति और उसी लोकमंगल की भावना का उत्सव होगा—जहाँ प्रसाद के साथ संस्कार भी वितरित होंगे।


