खैरथल के कांग्रेसी पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा
पार्षद बोले जनता के साथ लड़ेंगे खैरथल-तिजारा जिला बचाने की लड़ाई

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो
सोमवार को कांग्रेस के पार्षदों ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम पार्षद पद से इस्तीफा दिया। नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के विक्की चौधरी ने बताया कि खैरथल तिजारा के नामकरण और मुख्यालय को खैरथल से बाहर ले जाने के विरोध में नगर परिषद खैरथल के कांग्रेस पार्षद गण अपने पार्षद पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
इस्तीफा देने का मुख्य कारण यह भी है कि नगर परिषद खैरथल की बोर्ड गठन को लगभग 5 वर्ष पूर्ण होने को जा रहे हैं और बोर्ड बैठक सिर्फ एक ही हुई है। हमने लगभग 8 से 10 बार बोर्ड मीटिंग बुलाने हेतु ज्ञापन भी दिए। यदि सभापति द्वारा समय पर बोर्ड बैठक आयोजित की जाती तो खैरथल जिले के मुख्यालय हेतु भूमि आवंटन प्रक्रिया हो जाती और आज हमारे जिले का स्थाई मुख्यालय खैरथल में ही खुल जाता।
इसीलिए खैरथल में जिला मुख्यालय स्थापित नहीं होने का कारण सिर्फ और सिर्फ और सिर्फ सभापति नगर परिषद खैरथल ही है। ऐसे नकारा बोर्ड में सदस्य रहना हमारे लिए शर्म की बात है। इसीलिए हम सभी पार्षद गण इस्तीफा दे रहे हैं। 14 पार्षदों में से एक पार्षद मेगा भारती की सरकारी नौकरी लगने के कारण वह पहले ही इस्तीफा दे चुकी है। आज सोमवार को 13 पार्षद परमेश्वरी देवी वार्ड नंबर 2 ,उदय सिंह यादव वार्ड नंबर 6 ,कृष्णा देवी वार्ड नंबर 17, मुशर्रफ खान वार्ड नंबर 19, पवन वासु वार्ड नंबर 7, करण सिंह जाट वार्ड नंबर 8 ,हेमराज मुलानी वार्ड नंबर 33 ,नारायण छंगाणी वार्ड नंबर 9, राहुल वार्ड नंबर 11, मनोज बुराडिया वार्ड नंबर 12 ,विसंबर दयाल वार्ड नंबर 3 से कांग्रेस पार्षद पद से इस्तीफा दिया।निर्दलय पार्षद औमप्रकाश रोधा ने भी खैरथल की जनता के साथ देने के लिए अपना इस्तिफा देकर खैरथल की राजनिति को गर्मा दिया है
दूसरी ओर खैरथल की राजनिति के जानकारों के अनुसार कांग्रेस और एक निर्दलय पार्षद के इस्तीफा देने से भाजपा और उनका समर्थन करने वाले निर्दलीय पार्षदों पर नैतिक दबाब आ गया है उन्हे भी देर सवेरे खैरथल के हित में जनता के साथ आना पड़ेगा ये इस्तीफे खैरथल की राजनिति को नई दिशा देगे



