बागपत
सामाजिक सरोकारों पर सार्थक संवाद!
महामंडलेश्वर आचार्य कृष्ण विश्रुतपाणि जी से नेशनल प्रेस टाइम्स बागपत प्रभारी की शिष्टाचार भेंट!

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत। नेशनल प्रेस टाइम्स के बागपत प्रभारी ने हाल ही में महामंडलेश्वर आचार्य कृष्ण विश्रुतपाणि जी ( सेवानिवृत्ति लेक्चरर दिल्ली प्रशासन) , राष्ट्रीय अध्यक्ष –श्री देवालय संघ ( सनातन संस्कृति रक्षार्थ आंदोलन) , राष्ट्रीय अध्यक्ष – शिक्षक / बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ, (विश्व हिंदू महासंघ, भारत) से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाक़ात केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सामाजिक मुद्दों, राष्ट्रहित और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम पहलुओं पर गहन वार्ता हुई।
शिक्षा और राष्ट्रनिर्माण पर चर्चा:
आचार्य कृष्ण विश्रुतपाणि जी ने कहा कि शिक्षक और बुद्धिजीवी वर्ग किसी भी समाज की आत्मा होते हैं। यदि यह वर्ग जागरूक और राष्ट्रहित में समर्पित रहेगा, तो समाज स्वतः ही प्रगति की राह पर अग्रसर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि संस्कार और चरित्र निर्माण का आधार होना चाहिए।
सामाजिक चुनौतियाँ और समाधान:
बैठक में महिला सशक्तिकरण, युवाओं की बेरोज़गारी, नशा-मुक्त समाज और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आचार्य जी ने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि समाज का बौद्धिक वर्ग मौन साधे बैठा है। आवश्यकता है कि बुद्धिजीवी आगे आएं और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करें।
भारतीय संस्कृति और एकता का संदेश:
आचार्य कृष्ण विश्रुतपाणि जी ने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति “वसुधैव कुटुम्बकम्” पर आधारित है। यदि समाज के सभी वर्ग एक सूत्र में बंध जाएँ, तो जाति-पंथ के भेद मिटाकर एक सशक्त भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने इस दिशा में मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
पत्रकारिता की जिम्मेदारी:
नेशनल प्रेस टाइम्स के बागपत प्रभारी ने इस अवसर पर कहा कि मीडिया का कर्तव्य केवल ख़बर पहुँचाना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना भी है। आचार्य जी से हुई चर्चा ने यह स्पष्ट किया कि पत्रकारिता और आध्यात्मिक नेतृत्व मिलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
यह शिष्टाचार भेंट एक साधारण मुलाक़ात न होकर सामाजिक सरोकारों पर गहन विचार-विमर्श का मंच बनी। आचार्य कृष्ण विश्रुतपाणि जी के विचार न केवल शिक्षकों और बुद्धिजीवियों के लिए प्रेरणादायक हैं, बल्कि पूरे समाज को दिशा देने वाले हैं।



