झारखण्ड–बंगाल कनेक्टिविटी को मिलेगा नया मार्ग, गोपीनाथपुर में बन रहा उच्च स्तरीय ब्रिज, क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में बनेंगे सहायक
Jharkhand-Bengal connectivity will receive a new route; a high-level bridge is being constructed in Gopinathpur, contributing to the overall development of the region.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं झारखण्ड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सह- पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम द्वारा क्षेत्र की मजबूत कम्युनिकेशन व्यवस्था के लिए की गई पहल अब मूर्त रूप लेती दिखाई दे रही है। उनके प्रयासों का परिणाम है कि पाकुड़ प्रखण्ड के सुदूरवर्ती गांव गोपीनाथपुर में बांसलोई नदी पर उच्च स्तरीय ब्रिज के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए गये थे, जिससे ग्रामीण आसानी से जिला मुख्यालय तक पहुंच सके और अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सके। आलमगीर आलम की गैर-मौजूदगी में भी उनके सपनों को आगे बढ़ाते हुए उनकी धर्मपत्नी तथा क्षेत्र की विधायक निशात आलम ने इस महत्त्वाकांक्षी पुल निर्माण परियोजना का शिलान्यास बरसात के मौसम से पहले ही कर दिया था। वर्तमान में संवेदक द्वारा पुल निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। यह उच्च स्तरीय पुल न केवल पाकुड़ प्रखण्ड के ग्रामीण इलाकों के लिए जीवनरेखा साबित होगा, बल्कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के सामशेरगंज और सूती प्रखण्ड क्षेत्र में बसे लाखों आबादी के लिए भी एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक मार्ग बनेगा। इससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन और व्यापार को नई गति मिलेगी। ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। पुल के निर्माण से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और कृषि गतिविधियों में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने की उम्मीद है। यह परियोजना न केवल सम्पर्क व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी मील का पत्थर साबित होगी। वही युवा नेता तनवीर आलम ने राजनीतिक गलियारों में सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने ध्यानार्थ मुसलसल गांवों का दौरा कर जनसमस्याओं से अवगत होकर निष्पादन की किरदार सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं। और यही कारण है कि आज पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के आमजनों के हृदय में अपनी तस्वीर समायोजन करने की खूबसूरत आयाम स्थापित किया है।



