सिंगरौली

 एनटीपीसी-विंध्याचल में राजभाषा पखवाड़ा, 2025 का किया गया विधिवत शुभारंभ

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। एनटीपीसी-विंध्याचल में राजभाषा पखवाड़ा, 2025 का उद्घाटन परियोजना के प्रशासनिक भवन सीवी रमन सभागार में हर्षोल्लास के साथ किया गया। राजभाषा अनुभाग द्वारा परियोजना मे दिनांक 14 सितंबर 2025 से 29 सितंबर, 2025 तक राजभाषा पखवाड़ा, 2025 का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कर्मचारियों, गृहणियों, स्कूली बच्चों, संविदकर्मियों एवं नगरवासियों के लिए विभिन्न प्रतियोगितायें जैसे – हिंदी हस्तलेखन, कविता पाठ, हिंदी मुहावरे, कहानी, हिंदी वर्ग पहेली, अंताक्षरी, नारा प्रतियोगिता, हिंदी प्रश्नोतरी आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन शामिल है। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुये दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। तत्पश्चात एनटीपीसी गीत गाकर कार्यक्रम को गति प्रदान की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि परियोजना प्रमुख (विंध्याचल) संजीब कुमार साहा, विशिष्ट अतिथि महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण) ए जे राजकुमार, महाप्रबंधक(मेंटेनेंस एवं एडीएम) एम. सुरेश, महाप्रबंधक(ऑपरेशन एवं एफएम) एस.के. सिन्हा, महाप्रबंधक(चिकित्सा) डॉ. बी.के. भराली, महाप्रबंधक(तकनीकी सेवाएँ) देबव्रत त्रिपाठी एवं मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल) राकेश अरोड़ा, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  मृणालिनी, उपमहाप्रबंधक(मानव संसाधन)  कामना शर्मा के साथ-साथ सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, अपर महाप्रबंधकगण, राजभाषा विभागीय प्रतिनिधिगण, यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण शामिल हुये। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संप्रति प्राचार्य(शासकीय हाई स्कूल, अतरवा सिंगरौली) डॉ. शिवार्चन शुक्ल मधुर उपस्थित रहें।
सर्वप्रथम मानव संसाधन प्रमुख(विंध्याचल) राकेश अरोड़ा ने कार्यक्रम में पधारे मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि, मुख्य वक्ता एवं सभी अतिथियों का स्वागत करते हुये कहा कि 14 सितंबर 1949 के दिन संविधान सभा ने हिंदी को भारत संघ की राजभाषा का दर्जा दिये जाने का निर्णय लिया था। साथ-ही यह संकल्प भी लिया गया था कि संघ सरकार राजभाषा हिंदी के प्रयोग की दिशा में क्रमिक विकास के लिये प्रयासरत रहेगी। उन्होनें अपने उद्बोधन में सभी लोगों को राजभाषा पखवाड़ा, 2025 के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख (विंध्याचल) संजीब कुमार साहा नें अपने सम्बोधन में सभी कर्मचारियों को राजभाषा अनुभाग द्वारा पूरे पखवाड़े के दौरान आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर प्रतिभागिता करने हेतु प्रेरित किया। उन्होनें यह भी कहा कि व्यावहारिक रूप से अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करने के लिए भाषा को सरल एवं सहज रूप में लिखा जाए ताकि आम जनता को वैज्ञानिक तथा तकनीकी विषयों के बारे में पर्याप्त रूप से जानकारी प्राप्त हो सके। साथ ही संजीब कुमार द्वारा सभागार में उपस्थित सभी कर्मचारियों को राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक कार्यालयीन काम-काज हिंदी में करने हेतु एवं प्रदीप मे भी हिंदी मे टिप्पणियाँ लिखने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा सभी को हिंदी मे अधिकाधिक कार्य करने हेतु हिंदी शपथ भी दिलाई गई। साथ ही राजभाषा पखवाड़ा, 2025 के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की गई।
तत्पश्चात मुख्य वक्ता संप्रति प्राचार्य (शासकीय हाई स्कूल, अतरवा सिंगरौली) डॉ. शिवार्चन शुक्ल मधुर नें सभागार में उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए राजभाषा हिन्दी के महत्व एवं उसके विकास पर अपने विचार प्रकट किए। उन्होनें कहा कि सम्पूर्ण राष्ट्र को एकसूत्र में पिरोने की जो क्षमता हिंदी में है, वही हिंदी की विशेषता है। उन्होने हिंदी के इतिहास से लेकर उसके वर्तमान प्रयोग तक की जानकारी दी।  शुक्ल ने कहा कि हमारे सभी समाज-सुधारकों ने भी इस बात पर विशेष ज़ोर दिया है कि भारत को एकता के सूत्र में पिरोने की क्षमता हिंदी भाषा में ही है। हिंदी बड़ी ही लचीली एवं एकात्म करने वाली भाषा है। हिंदी की इन्हीं विशेषताओं के कारण हमारे संविधान निर्माताओं ने 14 सितंबर, 1949 को इसे भारत संघ की राजभाषा का दर्जा दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन सहायक राजभाषा अधिकारी कल्याण सिंह द्वारा किया गया। उन्होने अपने संचालन के दौरान राजभाषा पखवाड़ा, 2025 के अंतर्गत आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं की विस्तृत जानकारी दी।
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