झुंझुनू
चंवरा किशोरपुरा के मोरिन्डा धाम में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़े लोग
700 महिलाओं ने 9 किलोमीटर लंबी कलश यात्रा निकाली

धर्म बचेगा तो देश बचेगा जातिवाद कलंक के समान हिंदू समाज को जगाने के लिए जगह-जगह सम्मेलन….मुकेश कुमार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं चंवरा। कस्बे के किशोरपुरा सीमा पर स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पल्टूदास अखाड़ा मोरिंडा धाम में ब्रह्मलीन संत बनवारी दास महाराज की सातवीं पुण्यतिथि पर विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। हिंदू सम्मेलन को लेकर भव्य ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाली गई। बामलाश धाम के महंत लक्ष्मण दास महाराज के सानिध्य में आयोजित कलश यात्रा में डीजे की धुन पर महिलाओं ने जय श्री राम के जयकारों के साथ 9 किलोमीटर लंबी कलश यात्रा निकाली।कलश यात्रा सुबह 10:15 बजे चंवरा के राम रघुनाथ मंदिर से शुरू होकर चौफूल्या पोंख सड़क से किशोरपुरा गांव होते हुए लगभग 2 बजे मोरिंडा धाम पल्टूदास अखाड़ा पहुंची। मंदिर परिसर में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता मुकेश ने कहा कि भारत जैसी माताएं दुनिया में कहीं नहीं हैं। भारत की माताएं त्याग तपस्या बलिदान की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने कहा कि देश की दशा बदलनी है तो जातिवाद को जड़ से खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि विडम्बना देखीये ईश्वर की भी जाती बताई जाती है। भगवान श्रीराम ने शबरी के झूठे बेर खाकर उसी समय बता दिया था कि मानव कर्म से बड़ा होता है जाती से नहीं। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार टूट रहे हैं घर में क्लेश बढ़ रहा है हिंदू परिवारों में संस्कारों की कमी आती जा रही है। मनुस्मृति में साफ कहा है सर्वोच्च पुरुषार्थ मोक्ष है। सभी हिंदुओं को सनातन को बचाने के लिए एकजुट होकर रहना चाहिए देश के प्रति भक्ति का भाव रखना चाहिए। उनका मुख्य रूप से कहना था कि हिंदू समाज को जगाने के लिए हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे बमलास धाम के महंत लक्ष्मण दास महाराज ने हिंदू समाज की माता बहनों और सर्व समाज के लोगों को आशीर्वचन देते हुए एकजुट रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में आश्रम के ब्रह्मलीन संत बनवारी दास महाराज की समाधि पर बाहर से आए संत महापुरुषों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सम्मेलन में चंवरा किशोरपुरा की होनहार प्रतिभाओं को हिंदू गौरव सम्मान से नवाजा गया। देर रात्रि तक भंडारा चलता रहा जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसादी पाई। सम्मेलन की पूर्व संध्या पर रात्रि जागरण का आयोजन किया गया जिसमें कलाकारों ने भजनों की एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर हरिदास तुरंत दास महाराज,केशव दास महाराज, रामदास महाराज,रामनिवास दास महाराज,सुंदर दास महाराज,रघुवर दास महाराज, भक्ति नाथ महाराज,जगदीशा नंद महाराज,कौशल्या दास महाराज,माधव दास महाराज, रामचरित्र दास महाराज,शत्रुघ्न महाराज,चिरंजीलाल,विवेक गुर्जर,राकेश कुमार,कृष्ण कुमार,जगदीश प्रसाद शर्मा, डॉ सांवरमल सैनी,शीशराम रावत, रामावतार ठेकेदार,सांवरमल गुर्जर,राजेश खटाणा,मुकेश कुमावत,दलीप गुर्जर,छोटे सैनी, इंदर सिंह पोंख,नाथूराम सैनी, बंटी सेन,बाबूलाल सैनी,आशीष सैनी,पंकज मीणा,श्री राम मेघवाल,लक्ष्मण मीणा,हनुमान गुर्जर,गिरधारी रावत, महेश शर्मा,धोलू गुर्जर गुर्जर ,,सचिन सैनी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।



