गाजियाबाद
लोनी में अवैध गैस रिफिलिंग के मामले का खुलासा
आपूर्ति विभाग लोनी की टीम ने की बड़ी कार्रवाई, 28 अवैध कॉमर्शियल सिलेंडर बरामद,
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी । लोनी क्षेत्र में आपूर्ति विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्यवाही से अवैध एलपीजी गैस रिफिलिंग के बड़े नेटवर्क का आज भंडाफोड़ हुआ है। विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र में एक एलपीजी कैप्सूल वाहन और मैजिक गाड़ी में रखे गए 28 कॉमर्शियल सिलेंडरों में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य हो रहा है
सूचना मिलते ही सप्लाई इंस्पेक्टर आपूर्ति विभाग लोनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पाया गया कि वाहन चालक द्वारा एलपीजी कैप्सूल की सील तोड़कर छोटे सिलेंडरों में गैस भरने का कार्य अवैध रूप से किया जा रहा था। यह कार्य न तो अधिकृत एजेंसी की अनुमति से किया गया था, न ही इसमें किसी सुरक्षा मानक का पालन किया गया था।
कार्यवाही के दौरान आपूर्ति विभाग ने मौके से एलपीजी कैप्सूल वाहन, मैजिक गाड़ी और कुल 28 कॉमर्शियल सिलेंडर अपने कब्जे में लेकर सील कर दिए। इस मामले की जानकारी तुरंत आपूर्ति विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई, जिसके निर्देश पर ट्रोनिका सिटी थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7, तथा एलपीजी (नियंत्रण) आदेश, 2000 के प्रावधानों के तहत कैप्सूल चालक सुखदेव, व मैजिक के फरार चालक अज्ञात और हेल्पर शिवा और सुंदर निवासी खोडा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया
जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि एलपीजी नियंत्रण आदेश का उल्लंघन एक गंभीर अपराध है और यह न केवल कानूनन दंडनीय है, बल्कि जन सुरक्षा के लिए भी घातक है। उन्होंने कहा—
> “यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था इस प्रकार की अवैध गतिविधि में लिप्त पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी आम उपभोक्ताओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
विभागीय सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7, एलपीजी (कंट्रोल) ऑर्डर, 2000 की धारा 6(1) और भारतीय दंड संहिता की धारा 285 (सार्वजनिक सुरक्षा को संकट में डालना) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय निवासियों ने आपूर्ति विभाग लोनी से मांग की है कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए एक मुहिम चलाकर क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी करने वालों पर प्रभावी रोक लगाई जाए


