
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। सीएमओ कार्यालय के सभागार में सीपीआर जागरूकता सप्ताह के संबंध में गोष्ठी का आयोजन किया गया। सीएमओ डा.इम्तियाज अहमद ने बताया कि कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक महत्वपूर्ण जीवनरक्षक और आपातकालीन प्रक्रिया है जो गंभीर हृदय संबंधी मामलों में जीवित रहने की संभावनाओं को बेहतर बनाती है। भारत में अचानक होने वाली मौत के मामले बढ़ रहे हैं। सीपीआर जागरूकता सप्ताह का उद्देश्य कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन में प्रशिक्षण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। नोडल अधिकारी डा.अमित तिवारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर घर, स्कूल, कार्यालय और सार्वजनिक स्थान पर कम से कम एक व्यक्ति इस जीवनरक्षक तकनीक में प्रशिक्षित हो। देश में अचानक होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक हृदयाघात है, और ऐसे मामले वहां होते हैं, जहां अक्सर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं होती। ऐसे नाजुक क्षणों में, किसी व्यक्ति द्वारा समय पर सीपीआर देने से जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार हो सकता है। गोष्ठी के दौरान पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट डा.सौरभ सक्सेना ने सीपीआर का लाइव डेमोन्ट्रेशन किया। उन्होंने बताया कि लोगों में सीपीआर संबंधी जानकारी के अभाव को ध्यान में रखते हुए और निरंतर समुदाय-केंद्रित प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए 13-17 अक्टूबर, 2025 तक सीपीआर जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आम लोगों में सीपीआर के बारे में व्यापक जागरूकता बढ़ाना और क्षमता निर्माण करना है। गोष्ठी के दौरान प्रतिभागियों ने सीपीआर जागरूकता को बढ़ावा देने और दूसरों को इस जीवनरक्षक तकनीक को सीखने के लिए प्रोत्साहित करने का संकल्प भी लिया। कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक आपातकालीन उपचार है, जो किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाने पर, जैसे कि दिल का दौरा पडऩे या डूबने की स्थिति में, उसकी जान बचाने में मदद कर सकता है सीपीआर की मदद से ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह मस्तिष्क और अन्य अंगों तक बना रहता है, जो हृदय की धड़कन सामान्य होने तक मस्तिष्क को नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण है। इस दौरान उप सीएमओ डा.शिवप्रकाश, डा.अवधेशचन्द्र यादव, कनिष्ठ सहायक कु.ललिता, जन्म-मृत्यु डीपीए आलोक सचान एवं सी.एम.ओ. कार्यालय के अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।



