सिंगरौली

पुरानी सड़क को नवनिर्माण दिखाकर 25 लाख का घोटाला

देवसर जनपद के ढोंगा पंचायत का मामला, डीएमएफ से राशि हुई है खर्च

ग्रामीणों ने कहा कई वर्ष पहले हुआ था नवनिर्माण और घाट कटिंग का कार्य
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
 सिंगरौली। जिले के जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत ढोंगा में 25 लाख रुपए के घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है सरपंच सचिव ने करीब 10 वर्ष पुरानी एक सड़क को नवनिर्माण करने के लिए डीएमएफ से राशि स्वीकृत कराकर 25 लाख रुपए हजम कर लिए, इस घोटाले में सरपंच सचिव तथा रोजगार सहायक के अलावा उपयंत्री सहित विभाग के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है इस फर्जीबाड़े को लेकर ग्रामवासी काफी आक्रोशित हैं , ग्रामीणों का मानना है कि 25 लाख रुपए में तो पीसीसी का निर्माण हो गया होता लेकिन सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है और करीब 25 लाख रुपए खर्च हो गए, सरपंच सचिव ने इस घोटाले को अंजाम तक पहुंचने से पहले यह नहीं देखा कि करीब 10 वर्ष पुरानी पुलिया पूर्व मे सड़क निर्मित होने का प्रमाण देने के लिए पर्याप्त है।
डीएमएफ से राशि हुई खर्च
ढोंगा पंचायत में छुहिया पहुंच मार्ग का यह घोटाला खनिज प्रतिष्ठान मद से हुआ है, जिले का खनिज प्रतिष्ठान मद विकास कार्यों के लिए खर्च होना चाहिए लेकिन यहाँ के जिम्मेदार अधिकारी इस मद के दुरुपयोग पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं और आए दिन बड़े-बड़े घोटाले हो रहे हैं।
करीब चार दिन तक चला था कार्य
ग्राम वासियों के अनुसार 10 वर्ष पुरानी सड़क को नवनिर्माण दिखाने के लिए करीब चार दिनों तक कार्य चला था जहां जेसीबी मशीन लगाकर आसपास की मिट्टी रोड में डाल दी गई और कुछ बजरी भी डाली गई है लेकिन सड़क का मरम्मत भी ठीक से नहीं कराया गया है चूंकि सड़क पुरानी थी और नव निर्माण के नाम पर राशि स्वीकृत कराई गई थी ऐसी स्थिति में पूरी साजिश के तहत घोटाला किया गया है।
संविदाकार के माध्यम से कराया काम
ग्राम वासियों ने यह भी बताया कि करीब चार दिन तक जो भी कार्य हुआ है वह किसी रंगलाल साहू के माध्यम से कराया गया है जबकि पंचायत में ठेकेदारी प्रथा लागू नहीं है फिर भी यदि ग्राम वासियों द्वारा लगाए गए आरोप में सच्चाई है तो सरपंच सचिव ने ठेकेदार के माध्यम से कार्य कराकर एक ओर गांव के मजदूरों के साथ अन्याय किया है वहीं सरकार को भी खुली चुनौती दी है फिलहाल अब इसमें सच्चाई क्या है जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
विभाग के जिम्मेदारों की मिली भगत से हुआ खेल
सड़क का नवनिर्माण के नाम पर करीब 25 लाख रुपए खर्च करने का मामला सामने आने के बाद इतना तो तय हो गया है कि सरपंच सचिव के अलावा इस खेल में विभाग के अन्य भी जिम्मेदार शामिल हैं, फिलहाल ग्राम वासियों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
पुलिया दे रही पुरानी सड़क होने का प्रमाण
इस सड़क में निर्मित करीब करीब 10 वर्ष पुरानी पुलिया की स्थिति यह बता रही है कि सड़क का निर्माण भी पुलिया के साथ या उसके पहले हुआ रहा होगा अब सवाल यह खड़ा होता है कि जब सड़क ही नहीं बनी थी तो पुलिया क्यों बनाई गई मतलब पूर्व में सड़क बनी थी इसी वजह से तो पुलिया का निर्माण कराया गया था अब 10 वर्ष पुरानी पुलिया और करीब 4 माह पूर्व सड़क का नव निर्माण यह निश्चित रूप से संदेह के घेरे में है।
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