नर्सरी प्रबंधन करना सिखाया

भरतपुर। कृषि महाविद्यालय भुसावर पर ग्रामीण उद्यमिता कृषि विकास जागरूकता योजनान्तर्गत विद्यार्थियों को नर्सरी प्रबन्धन करना सिखाया गया। महाविद्यालय के डीन डाॅ. उदय भान सिंह ने कहा कि सब्जियों की गुणवत्तापूर्ण सस्ती पौध के लिए किसान स्वयं नर्सरी तैयार करें। इसके लिए खेत की मिट्टी को फोर्मलीन व कार्बोफ्यूरान से उपचारित कर उचित आकार की क्यारी बनावंे। ज्यादा पैदावार लेने के लिए संकर किस्म के बीज का प्रयोग करें तथा बीज की बुवाई 2 इंच दूर कतारों में करें। बुवाई पूर्व उचित कवकनाशी से बीजोपचार अवश्य करें। वैसे क्यारी के बजाय प्लग ट्रे में पौध तैयार करना आधुनिक तकनीक है। प्लग ट्रे के खांचों में कोकोपीट, वर्मीकुलाइट व परलाइट का मिश्रण उचित अनुपात में भरा जाता है तथा प्लग ट्रे की क्यारियों को 40 मैश के सफेद रंग के एग्रोनेट से ढका जाता है। इससे पौध का विषाणु रोगों व कीटों से बचाव हो जाता है तथा पौध स्वस्थ तैयार होती है। इस विधि में पौध स्थानांतरण के समय जड़ों को नुकसान नहीं होता। प्लग ट्रे में पौध तैयार करने से 20 से 25 प्रतिशत उत्पादन बढ़ता है। नर्सरी सब्जियों की खेती की नींव है, अतः उच्च तकनीकी नर्सरी व संकर बीज उपयोग करने से सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।



