हाईकोर्ट के निर्देश पर रामप्रसाद उर्फ शिवप्रसाद के मृतक या जीवित होने की जांच को जंगलरामनगर में हुई खुली बैठक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। 2012 में जारी एक मृत्यु प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच और एक व्यक्ति के जीवित या मृतक होने के बारे में सही जानकारी को मंगलवार को ग्राम पंचायत सचिवालय जंगलरामनगर में खुली बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रभारी ए डी ओ पंचायत अनुराग यादव और ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन तिवारी ने लोगों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कार्यवाही पूरी करते हुए रिपोर्ट तैयार की।वरासत के आधार पर जमीन के इंद्राज का वाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
शिवप्रसाद उर्फ राम प्रसाद दत्तक पुत्र शिवनारायन निवासी सेमरहवा , जंगलरामनगर की मौत हो चुकी है।2012में जारी मृतक प्रमाण पत्र के आधार पर वरासत हुई और जमीन उनकी पत्नी प्रेमा देवी के नाम आ गई। शिवप्रसाद के दूसरे भाई रामू ने मृत्यु प्रमाण पत्र को झूठा बताकर तहसीलदार कोर्ट में मुकदमा दायर किया। तहसीलदार कोर्ट से पक्ष में निर्णय न होने पर एस डी एम कोर्ट चले गए।एस डी एम कोर्ट से भी उनके माफिक निर्णय नहीं हुआ,फिर उन्होंने कमिश्नरी में मुकदमा दायर किया। कमिश्नरी में भी उनके पक्ष में निर्णय नहीं हुआ।रामू मौर्य स्वयं को रामप्रसाद बताते हैं और उन्होंने जीवित अवस्था मे सम्पत्ति पर अधिकार जताया है।रामू मौर्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट के निर्देश पर राम प्रसाद उर्फ शिव प्रसाद के जीवित या मृतक होने की जांच के लिए खुली बैठक आयोजित की गई। बैठक में 136ग्रामीणों ने राम प्रसाद उर्फ शिव प्रसाद को मृतक बताते हुए अपने हस्ताक्षर किए हैं जबकि 33लोगों ने रामप्रसाद को जीवित बताकर कार्यवाही पर हस्ताक्षर किए हैं।
ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन तिवारी ने बताया कि माननीय अदालत के निर्देशों के क्रम में खुली बैठक की गई है। वीडियो क्लिप के साथ पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के पास भेजी जाएगी

