धर्मसभा में पूज्य मुनि श्री 108 नयन सागर जी महाराज के प्रवचनों से लाभान्वित हुए श्रद्धालु
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत : कौशल सभागार में आयोजित भव्य धर्मसभा में श्रद्धालुओं ने गिरनार गौरव परम पूज्य आचार्य श्री 108 निर्मल सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य, वात्सल्य दिवाकर, तीर्थ निर्मलायतन प्रेरणा स्रोत, जागृतिकारी संत परम पूज्य मुनि श्री 108 नयन सागर जी महाराज के मंगलमय प्रवचनों का लाभ प्राप्त किया।
मुनि श्री ने अपने प्रवचनों में अहिंसा, संयम और सतर्क जीवन शैली का महत्व समझाते हुए कहा —
“हमें प्रत्येक कार्य अत्यंत सावधानी से करना चाहिए। चाहे हम सड़क पर चल रहे हों या भोजन कर रहे हों, हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारी किसी भी क्रिया से किसी जीव की हिंसा न हो। सूक्ष्म से सूक्ष्म जीव की रक्षा ही जैन धर्म का मूल है।”
उन्होंने यह भी बताया कि भोजन करते समय परिमार्जन (जांच-पड़ताल) करके ही शुद्ध आहार ग्रहण करना चाहिए, ताकि अनजाने में भी किसी जीव का नुकसान न हो।
धर्मसभा का वातावरण पूर्णतः शांत, अनुशासित और भक्तिपूर्ण रहा। श्रद्धालुओं ने मुनि श्री के प्रवचनों को आत्मसात करते हुए जीवन में संयम, क्षमा और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में प्रवीण जैन, मनोज कुमार जैन, मनोज जैन, संभव जैन, दिनेश जैन, राजेश जैन, अनुराग जैन, मोहन जैन, सतीश जैन, राकेश जैन, तथा आनंद जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और धर्म लाभ प्राप्त किया।



