नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गाजियाबाद। मंडोला विहार योजना से प्रभावित किसानों के आंदोलन ने शुक्रवार को उस समय तूल पकड़ लिया।जब 19 सितंबर को क्षेत्रीय प्रशासन ने किसान सत्याग्रह आंदोलन के प्रमुख नीरज त्यागी सहित कई किसानों को हाउस अरेस्ट कर लिया। किसानों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुँचाने से रोक रही है।
किसानों की योजना थी कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपकर लोनी क्षेत्र की कई मुख्य समस्याओं से अवगत कराएंगे इन समस्याओं में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के पुनर्वास का मुद्दा, लोनी क्षेत्र से गुजरने वाले हाइवे की बदहाल स्थिति, जल निकासी की समस्या और हिन्दू मीरपुर गांव में नगर निगम का कचरा डालने की दी गई अनुमति का विरोध करना शामिल था।
किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगो को लेकर 2016 से लगातार धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। किसान प्रदेश के मुखिया को बताना चाहते थे कि लोनी की जनता किस तरह समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी और कुछ जनप्रतिनिधि नहीं चाहते कि हमारी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुँचे, किसान नेता नीरज त्यागी का कहना है कि स्थानीय लोगों ने भी ट्रोनिका सिटी से लोनी बॉर्डर तक की सड़क पर बने गड्ढों और हाइवे की दुर्दशा पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि भाजपा नेता गड्ढों में ईंट-पत्थर डालकर फोटो खिंचवाते फिर रहे हैं, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं करवाते।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले बड़ा आंदोलन किया जाएगा। “सरकार की दमनकारी नीतियों के बावजूद हम पीछे नहीं हटेंगे,”


