सिंगरौली

मोरवा रेलवे साइडिंग में कबाड़ का काला कारोबार उजागर

आरपीएफ की भूमिका पर उठे सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। मोरवा रेलवे साइडिंग क्षेत्र में रेलवे सामग्री की चोरी और उसकी खुलेआम बिक्री का मामला उजागर हुआ है। यहाँ चाय-लिट्टी दुकानों की आड़ में नए-नए रेलवे के चद्दर, सरिया, एंगल सहित कीमती स्क्रैप धड़ल्ले से बेचा जा रहा है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि रेलवे सुरक्षा बल इस पूरे खेल को देखते हुए भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार रेलवे साइडिंग में काम करने वाले लेबरों द्वारा चोरी किया गया स्क्रैप आसपास की चाय दुकानों में बेचा जाता है। स्क्रैप खरीदने वाले कबाड़ी ने भी स्वीकार किया कि वह यह माल रेलवे साइडिंग के लेबरों से खरीदता है और आगे मुख्य सड़क स्थित कबाड़ी (अंकित) तक बेच देता है। इससे साफ संकेत मिलता है कि यह केवल छोटी चोरी नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क बन चुका है।
सूत्र बताते हैं कि रेलवे साइडिंग के पास चाय बेचने वालों के घरों में भी स्क्रैप के बड़े-बड़े गोदाम बने हुए हैं, जहाँ रेलवे का माल भारी मात्रा में पाया जा सकता है। यही नहीं, इस पूरे कारोबार में महिलाओं का भी उपयोग किया जा रहा है ताकि संदेह न हो और स्क्रैप को घरों में सुरक्षित रखा जा सके।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरपीएफ केवल औपचारिकता के तौर पर कार्रवाई दिखाती है, जबकि असल में यह पूरा अवैध व्यापार उनकी जानकारी में ही फल-फूल रहा है। सवाल यह है कि जब रेलवे का मूल्यवान सामान दुकानों और घरों तक पहुँच रहा है, तो आखिर यह चोरी बिना संरक्षण के कैसे चल सकती है? क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि रेलवे विभाग और आरपीएफ उच्चस्तरीय जांच कर इस अवैध कारोबार में शामिल सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई करें, ताकि सरकारी संपत्ति की हो रही चोरी पर रोक लगाई जा सके।
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