भरत पुर
शीतला पूजन कर मनाया बास्योड़ा पर्व
ठंडे पकवानों का लगाया भोग ,मन्दिर प्रांगण में नृत्य कर लगाईं हाजिरी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर। भरतपुर जिले के एतिहासिक भुसावर कस्बे सहित उपखण्ड क्षेत्र में 8 मार्च रविवार को शीतला पूजन कर बास्योडा पर्व धूमधाम एवं हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाएगा जो कि एक प्रमुख हिन्दू त्यौहार है, जो राजस्थान सहित उत्तर भारत में प्रसिद्ध है। वहीं विद्वान पण्डित पुष्पेन्द्र मिश्रा, राजेश शुक्ला राघवेन्द्र शर्मा ने बताया कि शीतला पूजन करने से श्रद्धालुओं को चेचक,खसरा,घाव,फुन्शी आदि जैसी बीमारियों से निजात मिलती है और वह आरोग्य रहता है। जहां कस्बे के हिन्डोंन सड़क मार्ग स्थित प्राचीन शीतला माता मन्दिर एवं खिरकारी भगतराज स्थित शीतला माता मन्दिर प्रांगण में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हुए पारम्परिक रीति रिवाजों के साथ रोग नाश और सन्तानों की रक्षा का महापर्व शीतला माता पूजन कर बास्योडा पर्व मनाया गया। जहां दूसरी ओर शीतला भक्त मण्डल के सदस्य विष्णु सैन,सोनू सैनी (सेठी), सोनू अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि कस्बे के हिण्डोंन सड़क मार्ग स्थित प्राचीन शीतला माता मन्दिर प्रांगण में मन्दिर के भगत गोविन्दा प्रजापत के सानिध्य में एवं समस्त शीतला भक्त मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हुए शनिवार को मन्दिर प्रांगण में फूल बंगला झांकी सजाते हुए रंग बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक लाईटों की रोशनी से मन्दिर परिसर दुल्हन की तरह सजाया गया। वहीं शनिवार को घरों में नहान करते हुए देर सायं काल घरों में शीतला माता के निमित्त रोटी, मीठे चावल,कढी पुआ पकोड़े,दही , हलुआ , परांठे, मुरमुरे आदि पकवानों को प्रसादी स्वरूप में बनाकर रविवार आठ मार्च को अल सुबह रंग बिरंगे परिधान पहनकर सामुहिक रूप मंगलमय गीत गाकर शीतला माता मन्दिर पहुंच कर शीतला माता को भोग लगाकर बास्योंडा पर्व मनाया गया। जहां श्रद्धालु, सनातन धर्मप्रेमी, भक्त मण्डल शीतला माता से परिवार में सुख-शांति समृद्धि एवं क्षेत्र में खुशहाली की मनोकामनाएं पूर्ण करने को लेकर ढोल नगाड़े एवं डीजे पर बज रहे भजनों पर नृत्य करते हुए अपनी हाजिरी लगाईं गई। इस पावन शीतला पूजन बास्योंडा पर्व को लेकर समस्त श्रद्धालु ब्रजमोहन सोनी, मिथुन सैनी, विष्णु कुमार, हितेश सिंघल, मुकेश सैनी, सोमेन्द्र सोनू वैध जी, पप्पू सोमेश पण्डा, संजय अरोड़ा आदि कार्यकर्ता और श्रद्वालु सनातन धर्म प्रेमी मौजूद रहें।



