गोड्डा
9 को राष्ट्रव्यापी औद्योगिक हड़ताल में झाराग्रा बैंक कर्मी भी होंगे शामिल
- बैंकिंग सेवाएं रहेंगी पूरी तरह ठप।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : देश के केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा 17 सूत्री मांगों के समर्थन में 9 जुलाई 2025 को बुलाई गई राष्ट्रव्यापी औद्योगिक हड़ताल को बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने भी व्यापक समर्थन दिया है। इस राष्ट्रीय आह्वान के तहत झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी भी एकजुट होकर हड़ताल में शामिल होंगे। झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव श्री नितेश कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि “हम अपने राष्ट्रीय संगठनों के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनविरोधी, श्रम विरोधी एवं सार्वजनिक क्षेत्र विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं। 9 जुलाई को बैंक के सभी अधिकारी और कर्मचारी पूर्णतः हड़ताल पर रहेंगे। यह केवल एक हड़ताल नहीं, बल्कि देश के श्रमिक हितों और ग्रामीण बैंकिंग की आत्मा को बचाने की लड़ाई है।” श्री मिश्रा ने बताया कि झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक का प्रधान कार्यालय, सभी 8 क्षेत्रीय कार्यालय और 450 शाखाएं पूर्णतः बंद रहेंगी। अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों और शाखाओं के समक्ष शांतिपूर्ण धरना एवं प्रदर्शन करेंगे। इससे राज्य भर में बैंकिंग सेवाएं पूर्णतः ठप रहेंगी और अनुमानित 20 से 25 करोड़ रुपये के दैनिक लेनदेन पर असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि “यह आंदोलन केवल हमारे हितों के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक बैंकों के अस्तित्व और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है। सरकार लगातार बैंकों का निजीकरण कर उन्हें पूंजीपतियों के हवाले करने पर आमादा है, जो देश की आर्थिक संप्रभुता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी साबित होगा।”
नितेश कुमार मिश्रा ने कहा कि “ग्रामीण बैंक केवल आर्थिक संस्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण जनता की जीवनरेखा हैं। इन बैंकों के निजीकरण से न केवल बैंक कर्मचारी प्रभावित होंगे, बल्कि गांव, गरीब और किसान भी इसकी मार झेलेंगे। इसलिए हम सभी कर्मचारी अपने भविष्य और देश की सामाजिक-आर्थिक संरचना की रक्षा के लिए इस संघर्ष को पूरी निष्ठा से लड़ रहे हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन, बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया और ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन जैसे संगठन पूरी तरह सक्रिय हैं। सोशल मीडिया, जनसंपर्क अभियानों और ज़मीनी तैयारियों के माध्यम से हड़ताल को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। श्री मिश्रा ने अंत में कहा कि झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के अधिकारी और कर्मचारी इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए कमर कस चुके हैं। यह केवल आज की पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए है। जनता से हमारा आग्रह है कि वे इस आंदोलन की गंभीरता को समझें और नैतिक समर्थन प्रदान करें, क्योंकि यह हड़ताल देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता बचाने की पुकार है।



