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जिले में हो रहे सड़क हादसों को लेकर भास्कर मिश्रा ने किया सड़क जाम, प्रशासन ने किया गिरफ्तार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । सिंगरौली जिले के बैढन थाना क्षेत्र अंतर्गत खुटार-परसोना मुख्य मार्ग पर आज एक बड़ा जनआंदोलन देखने को मिला, जहाँ सामाजिक कार्यकर्ता व कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा ने सड़क पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं और प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ स्वयं मोर्चा संभालते हुए सड़क जाम कर दिया। बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी मौके पर मौजूद रहे भास्कर मिश्रा ने बताया कि खुटार-परसोना मार्ग से प्रतिदिन भारी वाहन जैसे हाइवा, डंपर, ट्रक आदि बेलगाम दौड़ते हैं। इस वजह से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें अब तक कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा “इन हादसों ने कई माताओ की गोद सूनी कर दी, बहनों का सहारा छीन लिया और कई परिवार उजड़ गए।
प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान
भास्कर मिश्रा ने आरोप लगाया कि वह इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। लिखित आवेदन दिए, अधिकारियों से मिले, ज्ञापन सौंपा – लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला “प्रशासन ने कुछ आदेश तो जारी किए, लेकिन धरातल पर कोई अमल नहीं हुआ,” उन्होंने कहा जब शासन-प्रशासन ने बार-बार की गुहार के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो उन्होंने खुद सड़क पर उतरने का निर्णय लिया और भारी वाहनों को रास्ते में रोक दिया।
प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर की कार्रवाई
सड़क जाम की खबर मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने आंदोलन को समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन जब समर्थक पीछे नहीं हटे तो भास्कर मिश्रा समेत उनके कई सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें पचोर पुलिस लाईन ले जाया गया और बाद में न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायालय के बाहर जुटे समर्थक, नहीं मिली ज़मानत
जैसे ही भास्कर मिश्रा को कोर्ट ले जाया गया, उनके समर्थन में सैकड़ों की संख्या में लोग न्यायालय परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए। लोगों ने मिश्रा की रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी की और कहा कि “जनहित के मुद्दे उठाने वालों को जेल भेजना अन्याय है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर रोष है। सोशल मीडिया पर भी भास्कर मिश्रा को व्यापक समर्थन मिल रहा है। लोग कह रहे हैं कि “एक ओर जहां जनता की सुरक्षा के लिए शासन-प्रशासन को खुद आगे आना चाहिए, वहीं यहां आवाज उठाने वालों को जेल भेजा जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार न्यायालय से भास्कर मिश्रा को जमानत नहीं मिली है।
सवालों के घेरे में है प्रशासन?
अब यह पूरा मामला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। क्या सड़क पर होने वाली मौतें यूं ही चलती रहेंगी? क्या नियम केवल कागजों तक ही सीमित रहेंगे? और जो लोग जनता की आवाज बनते हैं, उन्हें कुचलना ही शासन का तरीका रह गया है? भास्कर मिश्रा की गिरफ्तारी ने सिंगरौली की जनता को सोचने पर मजबूर कर दिया है क्या एक आम आदमी को अपनी सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरना ही पड़ेगा? इन सभी मामलों को लेकर सीएसपी पुन्नू परस्ते ने कहा की नियम कानून के विरुद्ध रोड़ को जाम कर रहे थे जिसे आवा गमन में बाधित हो रहा था।

