
सम्पन्न वर्ग ने किया वैभव का प्रदर्शन तो झोपडियों में जले उम्मीद के दीप
सोशल मीडिया, मोबाइल पर संदेशों की भरमार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। दीपों के महापर्व दीपावली पूरे जनपद में बड़ी ही धूमधाम और उत्साह से मनाया गया। दीपावली पर्व धूमधाम से मनाने में लोगों ने कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। भारतीय संस्कृति के इस प्रमुख पर्व पर हुई रोशनी व आतिशबाजी को देखकर लगा कि जिले की आपसी भाईचारे व सौहार्द की वानगी आज भी मौजूद है। सभी ने अगाध श्रद्धा व उत्साह के साथ पर्व मनाया तथा समृद्धि की प्रतीक मां लक्ष्मी का विधि विधान से पूजन किया। धनाड्य वर्गों ने जहां मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए अपने वैभव का प्रदर्शन किया तो गरीबों ने अपने झोपड़ों में उम्मीद के दिये जलाये। इधर पर्व पर जहां जमकर आतिशबाजी हुई वहीं लोगों ने सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाटस एप, टिक्वटर, एस.एम.एस. उपहारों के जरिये एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनायें दीं।
उल्लेखनीय है कि दीपावली पर्व सनातन संस्कृति का प्रमुख पर्व है। कहा जाता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अहंकारी रावण का वध करने के पश्चात आज अयोध्या वापस लौट कर आये थे। 14 वर्ष वनगमन और लंका पर विजय के बाद अयोध्या लौटे राम, लक्ष्मण और सीता का स्वागत करने के लिए अयोध्यावासियों ने जमकर रोशनी व आतिशबाजी की थी। तब से यह पर्व मनाये जाने की बात कही जाती है। भारतीय बांङ्गमय के इस महत्वपूर्ण पर्व को मनाने की तैयारियां दशहरा के बाद से शुरू हो जाती हैं। आमतौर पर लोगबाग दीपावली पर्व के पूर्व अपने घरों की साफ -सफाई, रंगाई-पुताई व मरम्मत का कार्य पूर्ण करा लेते हैं, लेकिन महंगाई की मार से जूझ रहे लोग आर्थिक तंगी की वजह से अब पर्व को उत्साह से नहीं मना पाते, बल्कि प्रतीक के तौर पर पर्व को मनाने की परम्परा चल पड़ी है। आज सुबह से ही पर्व को मनाने के लिए बाजारों में खरीद फरोख्त करने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। पूजा के लिए मां लक्ष्मी व गणेश के चित्रों के अलावा अन्य पूजन सामग्री, खीले, बताशे व मिठाईयों की बिक्री का सिलसिला सुबह से जो शुरू हुआ वह देर सायं तक चलता रहा। नगर के कटरा बाजार, सराफा बाजार, विसातखाना, घंटाघर चौक, सावरकर चौक, रेलवे स्टेशन पर खरीददारों की भारी भीड़ की वजह से सड़कें जाम रहीं। शासन के निर्देशानुसार इस वर्ष भी प्रशासन द्वारा चौकाबाग में आतिशबाजी बाजार स्थापित किया गया था। कल तक आतिशबाजी बाजार में कोई खास भीड़ नहीं दिखी, लेकिन आज सुबह से ही आतिशबाजी की खरीददारी करने बाजार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। देर रात तक आतिशबाजी की खरीद फरोख्त होती रही। हालांकि आतिशबाजी के दाम अधिक होने की बजह से मध्यम व गरीब तबके के लोगों ने अपनी सामथ्र्य के अनुसार आतिशबाजी की खरीददारी की। जबकि सम्पन्न वर्ग के लोगों ने हजारों की आतिशबाजी की खरीददारी की।
जैसे-जैसे सूर्यास्त होता गया, वैसे-वैसे रोशनी का यह पर्व परवान चढ़ता गया। सायं होते ही लोगों ने घरों में दीये जलाकर मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा अर्चना कर अपनी सुख समृद्घि की कामनाएं कीं। लोगों ने पूरी भक्तिभाव से मां लक्ष्मी का पूजन किया। तत्पश्चात जमकर आतिशबाजी छोड़ी गयी। लोगों ने अपनी सामथ्र्य के अनुसार लक्ष्मी पूजन किया तथा सोने चांदी के सिक्के खनकाये। पर्व पर घरों में पकवान बनने के अलावा तरह-तरह की मिठाईयां जमकर परोसी गईं तथा लोगों ने एक दूसरे के घरों में जाकर पर्व की शुभकामनाएं देकर सुख समृद्घि की कामनाएं की। सारा नगर दीपावली पर्व पर रोशनी से जगमगाया हुआ था तथा चारों तरफ आतिशबाजी की गडगड़ाहट व झिलमिल रोशनी दिखायी दे रही थी। समाचार लिखे जाने तक पूरे जिले में दीपावली पर्व अगाध श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। आसमान पर जहां रंग बिरंगी आतिशबाजी की छटा बिखर रही थी, वहीं तेज धमाकों से पूरा शहर गुंजायमान था। पर्व के उत्साह ने लोगों को गरीबी व अन्य समस्याओं को पूरी तरह से भुला दिया था। पर्व पर किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। पूरे शहर में पुलिस की चौकस व्यवस्था रही। इधर सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाटस एप, मोबाइल फोन के जरिये बधाई संदेश भेजने का सिलसिला पिछले तीन दिनों से जारी बना हुआ है।



