जालौन

तकनीशियन कर्मचारियों को “दलाल” कहना निंदनीय सम्मान पर सीधा आघात 

प्राविधिक कर्मचारी संघ का कड़ा विरोध

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

जालौन : उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की 27 फरवरी 2026 को आयोजित विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान अध्यक्ष द्वारा तकनीशियन ग्रेड–2 (टीजी–2) संवर्ग के कर्मचारियों के संबंध में दिए गए आपत्तिजनक वक्तव्य ने पूरे तकनीकी समुदाय में गहरा आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। बैठक में तकनीशियन कर्मचारियों पर अतिरिक्त ड्यूटी न करने का आरोप लगाते हुए “दलाली” जैसे अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, असंवेदनशील एवं निंदनीय बताया गया है। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश ने इस बयान की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हुए इसे प्रदेश भर में कार्यरत लगभग 20,000 तकनीशियन कर्मचारियों के सम्मान, गरिमा और आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार बताया है। संघ का कहना है कि तकनीशियन कर्मचारी विषम मौसम, दुर्घटना संभावित एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हुए प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तेज आंधी, बारिश, भीषण गर्मी अथवा अन्य आपात स्थितियों में भी तकनीशियन अपनी जान जोखिम में डालकर विद्युत सेवाओं को बहाल करने में जुटे रहते हैं। ऐसे कर्मठ एवं समर्पित कर्मचारियों के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग न केवल अनुचित है बल्कि उनके मनोबल को भी गहरा आघात पहुंचाने वाला है। प्राविधिक कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि तकनीशियन (टीजी–2) संवर्ग के कर्मचारी विभिन्न इकाइयों एवं शाखाओं में सक्षम अधिकारियों के लिखित आदेशों के अनुरूप ही अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। यदि कहीं कार्य आवंटन अथवा तैनाती से संबंधित कोई प्रशासनिक विसंगति है तो उसका समाधान संस्थागत एवं प्रशासनिक स्तर पर किया जाना चाहिए। संपूर्ण तकनीकी संवर्ग को सार्वजनिक मंच से अपमानित करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता। संघ के अनुसार किसी शीर्ष पद पर आसीन अधिकारी द्वारा इस प्रकार की सामान्यीकृत एवं असम्मानजनक टिप्पणी विभागीय समन्वय, कार्य संस्कृति और जनसेवा व्यवस्था को भी प्रभावित करती है। तकनीशियन कर्मचारी सदैव निगम हित एवं उपभोक्ता हित को सर्वोपरि रखते हुए पूर्ण निष्ठा ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते आए हैं जिससे प्रदेश की विद्युत व्यवस्था निरंतर संचालित हो रही है। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ ने मांग की है कि तकनीशियन संवर्ग के संबंध में दिए गए उक्त वक्तव्य पर तत्काल सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करते हुए सम्मानजनक स्पष्टीकरण जारी किया जाए। अन्यथा संघ प्रदेश भर के तकनीशियन कर्मचारियों के साथ लोकतांत्रिक, संगठनात्मक एवं विधिक स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी ऊर्जा प्रबंधन की होगी। संघ के जनपद सचिव राकेश सिंह ने कहा कि तकनीकी कर्मचारियों का सम्मान और स्वाभिमान सर्वोपरि है तथा संगठन अपने प्रत्येक सदस्य की गरिमा की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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