डीपीएस पाकुड़ में ‘नयी चेतना 4.0’ अभियान के तहत कानूनी जागरूकता कार्यशाला का हुआ आयोजन
Legal awareness workshop organized at DPS Pakur under the campaign 'Nayi Chetna 4.0'

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निर्देशानुसार एवं जिला एवं सत्र न्यायालय, पाकुड़ के तत्वावधान में दिल्ली पब्लिक स्कूल, पाकुड़ के मेनन क्लब (लॉ क्लब) द्वारा ‘नयी चेतना 4.0’ राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत दिनांक 20 नवंबर 2025 को विद्यालय परिसर में एक दिवसीय कानूनी जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल पर शुरू किए गए ‘नयी चेतना 4.0’ अभियान के उद्देश्यों से विद्यार्थियों को परिचित कराना था।
कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक अरुणेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य जे. के. शर्मा, कोर मेंबर श्रीमती नेहा चक्रवर्ती, समन्वयक सौरीश दत्ता, शिक्षकगण एवं डीपीएस के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के निदेशक एवं प्रधानाचार्य के मार्गदर्शन में किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जे. के. शर्मा ने अपने सम्बोधन में बताया कि पाकुड़ जिला एवं सत्र न्यायालय के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के सम्मानजनक जीवन के अधिकार को सशक्त बनाना तथा समाज में व्याप्त भेदभाव, हिंसा और असमानताओं की संरचनात्मक बाधाओं को समाप्त करना है। साथ ही महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों, लैंगिक समानता और कानूनी साक्षरता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डी.एल.एस.ए.), पाकुड़ की ओर से मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमती रूपा बंधना किरो, सचिव, डी.एल.एस.ए., पाकुड़ एवं मोहम्मद नुकीमुद्दीन शेख, उप प्रमुख, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एल.ए.डी.सी.एस.), डी.एल.एस.ए., पाकुड़ उपस्थित रहे। वक्ताओं ने सरल एवं सहज भाषा में बच्चों को उनसे जुड़े विभिन्न कानूनों एवं अधिकारों की जानकारी दी। वक्ताओं द्वारा घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005, पॉक्सो अधिनियम, 2012, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, निषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013, भारतीय न्याय संहिता, 2023, मानक संचालन प्रक्रिया—बाल विवाह से मुक्ति की ओर अग्रसर 2025, बाल विवाह उन्मूलन की ओर–2025, नालसा एवं डालसा से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर, निःशुल्क कानूनी सहायता सेवाएं एवं महिलाओं व बच्चों के संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को कानून के प्रति सजग रहने एवं किसी भी प्रकार के अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की जिज्ञासाओं के समाधान हेतु प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में सामाजिक एवं कानूनी चेतना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि कानून तभी सहायक सिद्ध होते हैं जब हम स्वयं अनुशासित एवं जागरूक हों। विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। विद्यालय के प्रधानाचार्य जे. के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्वों के विकास का भी केंद्र होता है। मेनन क्लब, जो कि भारत में आधुनिक कानूनी शिक्षा के जनक स्व. एन.आर. माधव मेनन को समर्पित है, द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित, संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण समाज की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन एवं मेनन क्लब की ओर से सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।



