
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी (गाजियाबाद): समाचार पत्र में अवैध रेत व मिट्टी खनन की खबर प्रकाशित होने के बाद खनन विभाग हरकत में आ गया। खनन अधिकारी ने सोमवार को अपनी टीम के साथ नौरसपुर और पचायरा गांवों में छापा मारकर धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन कार्यों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान खनन अधिकारी ने खेतों में मौजूद किसानों से बातचीत की और उन्हें अपने खेतों में अवैध खनन न होने देने के लिए समझाया। साथ ही समस्या के समाधान के लिए आपसी तालमेल बनाकर कार्य करने की सलाह दी। अधिकारी की सक्रियता से यह स्पष्ट हुआ कि विभाग अब अवैध खनन को लेकर सतर्क हो गया है।
हालांकि मौके पर खनन अधिकारी के सामने एक अजीब स्थिति तब पैदा हो गई जब उन्हें एक खेत में रेत के बड़े ढेर और सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का स्टॉक मिला। अधिकारी यह देखकर हैरान रह गए। अब सवाल यह उठ रहा है कि यह स्टॉक नियमों के तहत है या किसी अधिकारी की मौन अनुमति से हो रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंडोला चौकी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मी खनन माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं। बताया जाता है कि जैसे ही उच्चाधिकारियों को रेत खनन की सूचना दी जाती है, वैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचने से पहले ही खनन माफियाओं को इसकी जानकारी मिल जाती है और वे अपने वाहन लेकर भाग निकलते हैं।
स्थानीय किसानों का कहना है कि अवैध रेत खनन से खेतों की उपजाऊ भूमि नष्ट हो रही है, जिससे वे बेहद परेशान हैं। अब देखना यह है कि खनन विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस मिलकर इस अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।



