सिपाहियों की तत्परता से बची राहगीरों की जान, वार्दीधारी बने फरिश्ते
चाइनीज मंझे को रास्ते से हटाकर पेश किया मानवता की मिसाल

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
बाराबंकी। शाम को शहर के पटेल तिराहे से चंद कदम की दूरी पर स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस के सामने मेन रोड पर अचानक से चाइनीज मंझा सड़क पर आ गया, तभी उधर से गुजर रहे थाना कोतवाली नगर क्षेत्र की चौकी सिविल लाइन्स में तैनात सिपाही सौरभ कुमार व अनवर ने तत्परता दिखाते हुए अपने वाहन को रोककर जो किसी वीआईपी कार्यक्रम में ड्यूटी करके वापस आ रहे थे। उक्त सिपाहियांे ने दौड़कर चाइनीज मंझे को साइड में किया और मंझे के छोर को तोड़ने की कोशिश में हल्की खरोंचे भी आ गई। बाद में उस मंझे को रास्ते से किनारे करते हुए पेड़ की डाल में बांध दिया। अगर पुलिस के दो जाबाज सिपाहियों ने तत्परता न दिखाई होती तो कई राहगीर घायल हो जाते, क्योंकि यह मार्ग अत्यंत व्यस्त रहता है, प्रति मिनट सैकड़ों वाहन का आवागमन रहता है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि आज खाकी फरिश्ता बनकर मौके पर आ गई नही तो कोई न कोई अप्रिय घटना अवश्य हो जाती, राहगीरों ने बताया कि विभाग को चाइनीज मंझे को बंद कर देना चाहिए, इसका इस्तेमाल करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाये ताकि लोग इस मंझे की खरीद फरोख्त न करें। जबकि यह मंझ आम इंसानों के साथ-साथ पशु पक्षियों के लिए भी आतंक का पर्याय बन चुका है, लेकिन घटना हो जाने पर विभाग जागता है, आखिर उससे पहले कार्यवाही क्यों नही की जाती है, ऐसे में लोगों के दिमाग में तरह-तरह के प्रश्नचिन्ह उठ रहे हैं कि चाइनीज मंझे से कब मिलेगी आजादी? मालूम हो कि चाइनीज मंझा शहर वासियों के लिए मुसीबत बन चुका है।




