गाजियाबाद

लोनी बोर्डर चौकी के साये में दिन ढलते ही छलकते जाम

 चौकी के आसपास बेखौफ अवैध शराबखोरी, खाकी पर उठे सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी। लोनी बॉर्डर पुलिस चौकी के आसपास खुलेआम चल रही अवैध शराबखोरी ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि दिन निकलते ही शराबियों का जमावड़ा लोनी बोर्डर पर शुरू हो जाता है और देर शाम तक जाम से जाम टकराने का सिलसिला चलता रहता है। पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर इस तरह खुलेआम शराब पीना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा करता है।
मेट्रो लाइन के नीचे बना अवैध ‘परमिट रूम’
दरअसल, लोनी बॉर्डर पुलिस चौकी से सटे पिछले मार्ग पर मेट्रो लाइन के नीचे विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री की ठेलियां लगी रहती हैं। समोसे, नमकीन, चाऊमीन, पूरी-सब्जी और साथ में गिलास पानी की आसानी से उपलब्धता ने इस स्थान को शराबियों के लिए एक तरह का अवैध ‘परमिट रूम’ बना दिया है। ऐसे में शराब के शौकीनों को न तो मॉडल शॉप जाने की जरूरत पड़ती है और न ही अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
यही वजह है कि यहां दिन भर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। कई बार युवकों की गाड़ियां भी वहीं खड़ी नजर आती हैं, जिनमें तेज आवाज में गाने बजते रहते हैं और घंटों तक शराबखोरी चलती रहती है।
गंदगी और दुर्गंध से बीमारियों का खतरा
खुलेआम शराब पीने के बाद शराबी वहीं खाली गिलास, बोतलें और खाने-पीने की बची सामग्री फेंक देते हैं। साफ-सफाई के अभाव में क्षेत्र में गंदगी का अंबार लग गया है। इससे उठने वाली दुर्गंध राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन रही है, वहीं दूसरी ओर संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरना अब दूभर हो गया है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए।
महिलाओं और राहगीरों के लिए बन रहे हैं मुसीबत
शराब के नशे में धुत लोग कई बार आपस में विवाद कर बैठते हैं, जो कभी-कभी मारपीट तक पहुंच जाता है। यही नहीं, सार्वजनिक मार्ग पर खुलेआम शराब पीने वाले कुछ शराबी वहां से गुजरने वाली युवतियों और महिलाओं पर अश्लील फब्तियां कसते हैं। इससे महिलाओं को मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है और वे मजबूरी में वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेने को विवश हो जाती हैं।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई शून्य
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि सब कुछ जानते हुए भी संबंधित विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
नागरिकों ने आशंका जताई है कि कहीं न कहीं इस अवैध शराबखोरी को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है, तभी पुलिस चौकी के इतने करीब यह सब खुलेआम चल रहा है।
दिन ढलते ही तेज हो जाता है अवैध कारोबार
स्थानीय लोगों के अनुसार जैसे-जैसे दिन ढलता है, वैसे-वैसे यहां शराबियों की संख्या बढ़ती जाती है। शाम होते ही यह इलाका मयखाने का रूप ले लेता है, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उच्च अधिकारियों से शिकायत की तैयारी
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो वे पुलिस के उच्च अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर शिकायत करेंगे। लोगों की मांग है कि इस स्थान पर नियमित पुलिस गश्त हो, अवैध शराबखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिक चैन की सांस ले सकें।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और पुलिस इस गंभीर समस्या पर कब तक आंखें मूंदे रहती है या फिर जनता की आवाज सुनकर कोई ठोस कदम उठाया जाता है
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