हजारीबाग

हजारीबाग डेंटल काॅलेज में विश्व प्रोस्थोडॉन्टिक्स दिवस पर सतत दंत शिक्षा पर व्यावहारिक कार्यक्रम का हुआ सफलतापूर्वक आयोजन।

कॉलेज भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा - डाॅ प्रवीण श्रीनिवास।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

हजारीबाग काॅलेज ऑफ डेंटल साइंसेस एंड होस्पिटल में विश्व प्रोस्थोडॉन्टिक्स दिवस के अवसर पर प्रोस्थोडॉन्टिक्स और क्राउन एंड ब्रिज विभाग ने वेनीर्स और लैमिनेट्स पर एक सतत दंत शिक्षा (सीडीई) व्यावहारिक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यक्रम प्रधानाचार्य डॉ. के. कृष्णा और उप-प्रधानाचार्य डॉ. अंकुर भार्गव के बहुमूल्य सहयोग और मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिनके प्रोत्साहन ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शैक्षणिक सत्र अतिथि वक्ता डॉ. प्रेम भूषण की उपस्थिति से समृद्ध हुआ। जिन्होंने वेनीर्स और लैमिनेट्स की समकालीन अवधारणाओं और नैदानिक ​​अनुप्रयोगों पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। सत्र के बाद व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए मॉडलों पर अभ्यास किया। मौके पर हजारीबाग डेंटल काॅलेज के सचिव डाॅ प्रवीण श्रीनिवास ने प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग की सराहना करते हुए कहा कि कॉलेज भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा, ताकि हजारीबाग डेंटल कॉलेज शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए मानदंड स्थापित करता रहे।
स्नातकोत्तर और स्नातक दोनों ही छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। व्यावहारिक सत्र संकाय सदस्यों डॉ. सौवीर मोहन पांडे (विभागाध्यक्ष),डॉ. दया शंकर, डॉ. श्रेया मुखर्जी और डॉ. नंदिता बिस्वास के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिससे प्रभावी पर्यवेक्षण और शिक्षण सुनिश्चित हुआ। इस कार्यक्रम का संचालन स्नातकोत्तर छात्रों डॉ. ऋत्विक, डॉ. अंकिता कुमारी, डॉ. शौविक, डॉ. सौरभ, डॉ. अंकिता और डॉ. हर्षिता ने उत्साहपूर्वक किया, जिन्होंने कार्यक्रम के सुचारू आयोजन और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीडीई कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और सभी प्रतिभागियों ने इसकी सराहना की। यह उन्नत और सौंदर्यपूर्ण दंत चिकित्सा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता और कौशल विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।

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