गोड्डा
प्रथम आदिम जनजाति स्वतंत्रता सेनानी जबरा उर्फ़ तिलका मांझी का शहादत दिवस समारोह 13 को

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। सुंदरपहाड़ी स्थित बड़ा पलमा पाकताड़ी पंचायत मे स्वतंत्रता सेनानी जबरा पहाड़िया उर्फ़ तिलका मांझी के शहादत दिवस पर आदिम जनजाति महासम्मेलन का आयोजन 13 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर बड़ी संख्या मे आदिम जनजाति समाज से जुड़े लोग बड़ा पलमा मे पहुंचेंगे। इसे लेकर अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास समिति झारखण्ड के केंद्रीय उपाध्यक्ष बैद्यनाथ पहड़िया ने बताया की तिलका मांझी उर्फ़ जबरा पहाड़िया के शहादत दिवस 13 जनवरी 2026 दिन मंगलवार को भव्य कार्यक्रम होगा। जिसमें बड़ी संख्या आदिम जनजाति समाज से लोग व क्षेत्र को जनता हिस्सा लेगी। मौके पर समाज से जुड़ी समस्या के साथ ही क्षेत्र की परेशानी व उनके निदान हेतु सामूहिक प्रयास पर महा मंथन किया जायेगा। समाज से जुड़े मुखिया धर्मेंद्र पहाड़ी ने बताया की तिलका मांझी उर्फ़ जबरा पहड़िया भारत के पहले स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे, जिन्होंने 1771 से 1784 तक ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन और शोषण के खिलाफ आदिवासी विद्रोह का नेतृत्व किया। खासकर 1784 में राजमहल के मजिस्ट्रेट क्लीवलैंड को तीर से मारकर गिराया। उन्हें ‘जबरा पहाड़िया’ के नाम से भी जाना जाता है और उन्हें मंगल पांडे से लगभग 70 साल पहले अंग्रेजों के खिलाफ हथियार उठाने वाला पहला आदिवासी नेता माना जाता है। जिन्हें 13 जनवरी 1785 को भागलपुर में एक बरगद के पेड़ से फांसी दे दी गई थी। इस कार्यक्रम को लेकर पहड़िया आदिम जनजाति समाज से जुड़े लोगो मे खासा उत्साह है। कार्यक्रम को सफल बनाने मुखिया कमलेश्वर पहड़िया, धर्मेंद्र पहड़िया व बैद्यनाथ पहड़िया सक्रिय भूमिका निभा रहे है।



