बरेली

फरीदपुर में मिलावट पर बड़ा प्रहार, खाद्य विभाग का दो कंपनियों पर ताबड़तोड़ छापा

खंडेलवाल एडिबल ऑयल मे संदिग्ध सरसों तेल और धनिया पाउडर सील, लाखों रुपये का स्टॉक किया फ्रीज

जांच रिपोर्ट तक बिक्री पर रोक, दोषी पाए गए तो होगी सख्त कार्रवाई
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। मिलावटखोरों के खिलाफ जारी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सोमवार को फरीदपुर क्षेत्र में बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए खंडेलवाल एडिबल ऑयल्स और सृष्टिपूर्ति वेलनेस पर अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई से क्षेत्र के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान सरसों तेल और धनिया पाउडर की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर विभाग ने नमूने सील कर प्रयोगशाला भेज दिए और जांच रिपोर्ट आने तक संबंधित उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया।
खंडेलवाल एडिबल ऑयल्स में सरसों तेल शक के घेरे में.
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल ने बताया कि फरीदपुर के गौसगंज सराय स्थित खंडेलवाल एडिबल ऑयल्स के निरीक्षण के दौरान कच्ची घानी सरसों तेल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
नेपाल निर्मित माया ब्रांड सरसों तेल के 15 किलो वाले टिन को खोलकर नमूना लिया गया। इसके बाद 110 टिन सरसों तेल की बिक्री पर रोक लगा दी गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.93 लाख रुपये बताई जा रही है।
इसके साथ ही नेपाल निर्मित साजन ब्रांड रैपसीड ऑयल के 30 टिन भी जांच के दायरे में आए। इस तेल की बिक्री भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है। इसका बाजार मूल्य करीब 63 हजार रुपये आंका गया है।
सृष्टिपूर्ति वेलनेस का धनिया पाउडर भी जांच के घेरे में.
खाद्य सुरक्षा टीम ने गांव जेड स्थित कॉम्पिटेंट इंडस्ट्रियल पार्क में संचालित सृष्टिपूर्ति वेलनेस पर भी कार्रवाई की। यहां से धनिया पाउडर का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
जांच रिपोर्ट आने तक परिसर में रखे 108 किलोग्राम धनिया पाउडर की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
बोतलबंद पानी कंपनियों पर भी विभाग की सख्ती.
उक्त कार्रवाई यहीं नहीं रुकी।
रजऊ परसपुर स्थित किस्टल बेवेरेजेज (कैंपा स्योर ब्रांड) द्वारा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई।
अंधरपुरा स्थित एसआरएम स्प्रिंग प्राइवेट लिमिटेड में कमियां मिलने पर नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई।
परसाखेड़ा क्षेत्र की वृंदावन बेवरेजेज (किनले ब्रांड) को भी जांच रिपोर्ट न दिखाने पर सुधार का नोटिस दिया गया।
रिपोर्ट आते ही होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई.
खाद्य  सुरक्षा अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे संदिग्ध, अप्रमाणित  और सस्ते लालच वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखें और केवल प्रमाणित उत्पादों का ही उपयोग करें।
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