खैरथल
खैरथल में वन सम्पदा पर मंडराया गंभीर खतरा
पहाड़ियों से लेकर शहर तक धड़ल्ले से हो रही अवैध कटाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल। खैरथल क्षेत्र में वन सम्पदा लगातार खतरे में पड़ती जा रही है। भूड़ावाली क्षेत्र की पहाड़ियों सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई खुलेआम की जा रही है, जिससे पर्यावरण संतुलन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। खासकर वन क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बुधवार को जब कुछ जागरूक पर्यावरण प्रेमियों ने भूड़ावाली एरिया में पहाड़ियों पर हो रही अवैध कटाई की सूचना वन विभाग को दी, तो विभाग की नाका गार्ड पूनम गुर्जर मौके पर पहुंचीं। विभागीय टीम को आता देख लकड़ी काटने वाले लोग मौके से भाग छूटे। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में कटे हुए हरे पेड़ों के ठूंठ और लकड़ी के अवशेष मिले, जो अवैध कटान की पुष्टि करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भूड़ावाली क्षेत्र की पहाड़ियों पर लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन नियमित निगरानी के अभाव में लकड़ी माफिया बेखौफ होकर पेड़ों पर आरी चला रहे हैं। इससे न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहा है।
उधर, दूसरी ओर रेल फाटक संख्या 92 के पास सड़क किनारे खड़े वर्षों पुराने हरे पीपल के पेड़ को काटे जाने की सूचना भी सामने आई है। इस मामले में वन विभाग की ओर से कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ ठोस और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने वन विभाग से अवैध कटान रोकने के लिए नियमित गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी निगरानी और लकड़ी माफियाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में खैरथल की हरित संपदा को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।


