खैरथल

किशनगढ़ बास की दलित पहलवान बेटी निकिता को राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में नहीं ले गईं शिक्षिकाएँ 

अधिकारियों ने शिकायत के 11 महीने बाद भी नहीं  की कार्यवाही 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल -तिजारा : किशनगढ़ बास ब्लॉक के जाजोर गाँव के रहने वाले दलित (जाटव) समाज के व्यक्ति श्रीचंद जाटव ने अपनी बेटी निकिता जाटव (कुश्ती और जूडो की राज्य स्तरीय गोल्ड मैडल  विजेता) को न्याय की मांग को लेकर एडीएम शिवपाल जाट को पूर्व मे की गई शिकायत पर कारवाही की मांग की
श्रीचंद जाटव का आरोप है कि उनकी बेटी का चयन जनवरी 2025 में अजमेर (व्यावर) में होने वाले राज्य स्तरीय टूर्नामेंट के लिए हो चुका था, लेकिन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जाजोर की दो महिला शिक्षिकाएँ संतोष कुमारी और सुदेश जैन  ने जातिगत भेदभाव के चलते निकिता जाटव को अपने साथ नहीं ले गईं। परिणामस्वरूप निकिता को अपने पिता के साथ खुद अजमेर जाना पड़ा और रात 8 बजे तक प्रवेश में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिवार ने 25 जनवरी 2025 को चार सरपंचों और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के साथ खैरथल जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत दी थी। इसके बावजूद लगभग 11 महीने बीत जाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। श्रीचंद जाटव का कहना है कि राजनीतिक दबाव और जातिगत भेदभाव के कारण शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने हमारी सुनवाई नहीं की।
आक्रोशित पिता ने कहा कि मेरी बेटी ने मेहनत से राज्य स्तर तक का सफर तय किया, लेकिन जाति के नाम पर उसे अपमानित किया गया। जब न्याय ही नहीं मिलेगा तो ये मेडल और सर्टिफिकेट रखकर क्या करूँगा मामले की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार, राज्य महिला आयोग जयपुर एवं राष्ट्रीय महिला आयोग दिल्ली को भी भेजी है।
परिवार ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। इस मामले ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में दलित खिलाड़ियों के साथ होने वाले भेदभाव का मुद्दा उजागर कर दिया है। वही शिकायत में श्री चंद जाटव ने आरोप लगाया है कि बेटी निकिता के साथ दुर्भावना की पराकाष्ठा तो तब हो गई जब उसके एस आर  रजिस्टर में काट छांट  कर दी तथा कक्षा 6 से और नवी तक अनुसूचित जाति की मिलने वाली छात्रवृत्ति भी विद्यालय स्टाफ द्वारा नहीं दी गई।
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