गोड्डा
स्टॉप डायरिया कैंपेन हेतु शहरी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता एवं शहरी सहिया का एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
गोड्डा : राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, रौतारा में स्टॉप डायरिया कैंपेन हेतु शहरी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता एवं शहरी सहिया का एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिक ओआरएस के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। बैठक में मुख्य रूप से शिशु मृत्यु को शून्य स्तर तक लाने के उद्देश्य से स्टॉप डायरिया कैम्पेन चलाए जाने पर चर्चा हुई। यह कैम्पेम पूरे राज्य में 01 जुलाई से 15 अगस्त 2025 तक चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य डायरिया से होने वाली मृत्यु को रोकना है। डायरिया से होने वाली मृत्यु का कारण निर्जलीकरण और इलेक्ट्रोलाइट की कमी होना है। जिसे ओआरएस और जिक के उपयोग से टाला जा सकता है। इस कैम्पेम के तहत अंतर विभागीय समन्वय द्वारा दस्त नियंत्रण उपायों एवं दस्त होने पर जिक ओआरएस के प्रयोग, दस्त होने पर उचित पोषण और इलाज के लिए क्रियान्वयन किया जाना है। एएनएम मीरा कुमारी ने कहा कि साहिया एवं महिला आरोग्य समिति के सदस्य समूह में साफ-सफाई और डायरिया से बचाव की चर्चा कर लोगों को जागरूक करेंगी।
जिला शहरी स्वास्थ्य प्रबंधक जयशंकर ने बताया कि रक्षा, रोकथाम, उपचार के माध्यम से हम लोग डायरिया पर नियंत्रण पा सकते है। सभी शहरी साहिया को ओ आर एस पैकेट एवं जिंक टेबलेट दिया गया है जो सभी 5 साल तक के बच्चों के घर पर दो पैकेट ओआरएस एवं 14 जिंक टेबलेट के रूप में साहिया साहिया साथी के द्वारा वितरण किया जाएगा। डायरिया से ग्रसित बच्चों को ओआरएस पैकेट जिंक टेबलेट की उपलब्धता शतप्रतिशत सुनिश्चित किया जाना है एवं डायरिया से ग्रसित बच्चों का नियमानुसार उपचार प्रदान करेंगे।
सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर ओआरएस और जिंक कॉर्नर की स्थापना किया जाएगा। स्कूल, आउटरीच सत्र, शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस में साहिया द्वारा हाथ धोने के सही तरीके का प्रदर्शन किया जाना है साथ ही हैंड वॉशिंग से संबंधित उचित स्थान पर आईइसी प्रदर्शित करेंगे। डायरिया नियंत्रण गतिविधि के लिए अर्बन स्लम तथा हार्ड टू रीच एरिया में स्पेशल हेल्थ टीम को प्रतिनियुक्ति किया जाना है।
दस्त शुरू होते ही बच्चे को तुरंत ओआरएस और अतिरिक्त तरल पदार्थ दें और दस्त बंद होने तक देते रहें। दस्त से पीड़ित बच्चों को 14 दिनों तक जिंक देना, भले ही दस्त बंद हो जाए।
बच्चों में दस्त के दौरान ओआरएस और जिंक का प्रयोग एक सुरक्षित उपचार है, जिससे बच्चा दस्त से शीघ्र ठीक हो जाता है।
बच्चे के मल का सुरक्षित एवं त्वरित निपटान। स्तनपान जारी रखें, जिसमें उन बच्चों को स्तनपान कराना भी शामिल है जिन्हें स्तनपान कराया जा रहा है, तथा बीमारी के दौरान और बाद में अतिरिक्त आहार दें। सुरक्षित संचालन के बाद स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें। माँ को भोजन तैयार करने से पहले बच्चे को खिलाने से पहले तथा बच्चे का मल साफ करने के बाद अपने हाथ साबुन से धोने चाहिए। वहीं मौके पर अर्बन कम्युनिटी फेसिलिटेटर बेबी कुमारी, प्रहलाद कुमार, एएनएम जुली कुमारी, पुष्प कुमारी, साहिया रजनी कुमारी, रानी, सुजाता किरण, प्रेमलता आदि मौजूद थे।



