गोड्डा
आदिवासी के आस्था के बाद अब हिंदू की आस्था का उठ रहा सवाल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। केंद्रीय विद्यालय तिलक नगर कदवा टोला में विद्यालय के निर्माण से पूर्व अवस्थित बाबा तिलका मांझी की प्रतिमा महावीर की प्रतिमा एवं अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा था, जो की चारदीवारी निर्माण में विद्यालय अपने अंदर ले लिया है और पूजा पाठ से आज तक वंचित रखा है। दिनांक 20.11. 2025 को तिलका मांझी की प्रतिमा प्राचार्य द्वारा साफ सफाई करने के बहाने मूर्ति तोड़कर साक्षी तक मिटाने का प्रयास किया गया। जिसका आदिवासी समाज काफी विरोध किया और वह लोग मर्माहत हुए। इसी संदर्भ में राष्ट्रीय बजरंग दल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भवानी सेवा एवं अन्य हिंदू संगठन के लोगों ने चार दिवारी के बाहर महावीर की प्रतिमा जो कैद है उनके लिए हनुमान चालीसा पढ़ते हुए पूजा पाठ और नमन किया। साथ ही विश्वास सूत्रों से पता चला कि तिलका बाबा जो तोड़ा गया है, उनकी प्रतिमा को चार दिवारी से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है। सवाल यह है कि अन्य देवी देवताओं की भी प्रतिमा है। महावीर की भी है तो उनकी भी पूजा कैसे की जाएगी। सभी हिंदूवादी ने जिला प्रशासन से वंचित पूजा पाठ से सभी देवी देवताओं एवं तिलका बाबा की प्रतिमा को पुन: वहां पर स्थापित करते हुए पूजा पाठ करने हेतु एक रास्ता देने का आगरा किया है। इस संदर्भ में जिला प्रशासन से मिलकर सभी एक आवेदन सौंपेंगे और यदि हिंदू समाज की बातों को दरकिनार किया जाएगा तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। मौके पर ग्राम प्रधान भारत हांसदा, जॉन मुर्मू, गोड्डा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य सतीश चंद्र पाठक, पूर्व नगर अध्यक्ष अजीत सिंह, पूर्व नगर उपाध्यक्ष वेणु चौबे, गप्पू सिंहा, बजरंग दल के अध्यक्ष अमित ठाकुर, नगर अध्यक्ष जीत कुमार सिंह, चंदन तिवारी, भवानी सेवा के प्रमुख आदित्य राना, सौरभ झा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अनंत झा, ठाकुर विक्रम सिंह, राजू मंडल, नितेश सिंह, सूरज टाइलों, रितिक राजपूत सहित सैकड़ो उपस्थित थे।



