बहराइच
टैंडर मेनेज कराकर फिर लगाया गया नगर आयुक्त और महापौर द्वारा सरकार को करोड़ों रुपए का चूना

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। नगर निगम के द्वारा एक बार फिर टैंडर मेनेज कराकर सरकार को करोडों रुपए का चूना लगा दिया गया है। सूत्र यह भी बताते हैं कि खेल में बाहरी ठेकेदारो और लोकल के ठेकेदारो सहित 40-50 चेहते ठेकेदार शामिल है। उनके इर्दगिर्द ही टैंडर घुमते हैं बीते दिनों नगर आयुक्त भी 66 करोड़ के टैंडर 26 ठेकेदारो को मिलने का दावा कर चुके हैं। पता चलाया है कि मेनेज कराने की मुख्य भूमिका मुरादाबाद का ही एक ठेकेदार निभा रहा है नाम न बताने की शर्त पर कुछ ठेकेदारो ने बताया कि निगम के 27 परसेंट कमीशन के अलावा राज्य वित्त के टैंडर मेनेज कराने के नाम पर 10 परसेंट और एनसीएपी के टैंडर मेनेज कराने के नाम पर 16 परसेंट अतिरिक्त लिया जा रहा है। जिसमें 5 परसेंट नगर आयुक्त और 3.50 परसेंट महापौर को जा रहा है।आपको बता दे कि मुरादाबाद नगर निगम में काफी दिनों से भ्रष्टाचार को लेकर बाजार गर्म है बीते दिनों नगर निगम के एक भाजपा पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य ने नगर निगम में निर्माण कार्य के टैंडरो में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर इंटरनेट पर विडियो भी वायरल किया था जिसकी वजह से पूरे नगर निगम में हड़कंप मच गया था। पार्षद ने विडियो में 400 करोड़ रुपए के टैंडरो में खुला भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाते हुए कहा था कि जो टैंडर पहले 30-30, 40-40 परसेंट ब्लो डल रहे थे वो आज 30,40,50,60 पैसे कैसे ब्लो डाले जा रहे हैं और स्वीकृत हो रहें हैं इस खेल के माध्यम से अधिकारियों द्वारा हमारी सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। पहले 10 लाख का कोई टैंडर 30 परसेंट ब्लो जाकर 7 लाख में स्वीकृत हो रहा था जो वर्तमान में 10 लाख का टैंडर 9 लाख 95, या 9 लाख 98 हजार रुपए में स्वीकृत हो रहा है उन्होंने कहा था कि यदि साल में 400 करोड़ से ज्यादा के टैंडर निकलते हैं पर यदि 400 करोड़ भी माने तो सरकार को सीधा 120 करोड़ का चूना लगाया जा रहा है। यदि यह रुपए अन्य वार्डों में खर्च हो तो शहर में विकास कार्य भी ज्यादा होगें और सरकार की तारीफ भी होगी परंतु ये बात नगर निगम के अधिकारियों को पच नहीं रही मेरे वार्ड सहित पूरे शहर में जगह जगह बिना टाइल्स उखाडे़ बिना बेस बनाये कोलतार की सड़क डाल दी पार्षद ने अपने वार्ड में हुए टैंडर का काम होने के दौरान भी भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया था कि उनके वार्ड में जिस फर्म को टैंडर मिला था। उस पर भी काम पूरा न करने के बावजूद भी उसका भुगतान किये जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने महापौर को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा था कि मैंने काफी बार महापौर जी से टैंडर मेनेज कराने का विरोध किया पर महापौर ने मुझे हर बार चुप कर दिया। कुछ सूत्रों से जानकारी मिली है कि इस सारे घटना क्रम की वजह से नगर निगम बोर्ड की होने वाली बैठक भी दो बार टाल दी गयी। बावजूद उसके नगर आयुक्त द्वारा हाल ही में फिर 20 करोड़ की लागत से होने वाले 322 टैंडरो की सूची निकाल दी गयी और उसे भी मेनेज कराकर सरकार को 6 करोड़ का चूना लगा दिया गया है।जबकि बीते दिनों मुद्दा प्रभारी मंत्री के सामने भी उठा था। टैंडर मेनेज होने को लेकर नगर आयुक्त से बात करने के लिए फोन मिलाया गया तो बात नहीं हो सकी फिर निर्माण चीफ इंजीनियर से बात की गई तो उन्होंने टैंडर मेनेज कराने वाले सवाल पर इधर उधर की बात करते हुए पल्ला झाड़ लिया। जिससे यह प्रतीक होता है कि पार्षद द्वारा इतने बडे़ खेल का खुलासा करने के बाद भी मुरादाबाद नगर निगम में बेखौफ भ्रष्टाचार जारी है ऐसा लगता है कि मुरादाबाद नगर आयुक्त के सिर पर कोई बड़ा हाथ है जिसकी वजह से उन्हें कोई डर नहीं है।



