शामली
बिजली तार चोरी की सनसनीखेज वारदात, 13 खंभों से तार गायब
भभीसा–कनियान मार्ग पर अंधेरा, विद्युत आपूर्ति ठप; विभाग को भारी नुकसान

ग्रामीणों में आक्रोश, रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग; पुलिस जांच में जुटी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कांधला। थाना क्षेत्र के भभीसा–कनियान मार्ग पर बिजली के तार चोरी होने की घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने सुनियोजित तरीके से सड़क किनारे लगे लगभग 13 बिजली खंभों से तार चोरी कर लिए, जिससे पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई।अचानक बिजली गुल होने से ग्रामीणों के घरों में अंधेरा छा गया और दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बताया जा रहा है कि चोरों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर इस वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद देखी तो मामले की जानकारी विद्युत विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी आशीष श्रीवास्तव विभागीय कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर तार पूरी तरह गायब मिले, जिससे चोरी की पुष्टि हुई। उपखंड अधिकारी आशीष श्रीवास्तव ने इस घटना के संबंध में थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि भभीसा–कनियान मार्ग पर 13 बिजली खंभों से तार चोरी हुए हैं। विभाग द्वारा चोरी गए तारों की लंबाई और कीमत का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार विभाग को हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही अज्ञात चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाएगा।इधर, बिजली के तार चोरी होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन रात्रि गश्त प्रभावी नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रात्रि गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए और चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से बच्चों की पढ़ाई, किसानों के कार्य और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।


