
बाबरी मस्जिद की तर्ज़ पर बंगाल में नई मस्जिद का शिलान्यास, तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद में किया गया, जिससे विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक पारा चढ़ा है। कांग्रेस ने सीएम ममता बनर्जी की चुप्पी पर सवाल उठाया, वहीं भाजपा ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया है, जिससे यह मुद्दा और गरमा गया है।
सस्पेंड किए गए तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर में एक नई मस्जिद की नींव रखी। बताया गया है कि इस मस्जिद का डिजाइन अयोध्या की बाबरी मस्जिद जैसा होगा। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान बहुत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। यह घटना अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल को और भी ज्यादा गरमा रही है।
इस शिलान्यास पर विभिन्न नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि लोगों को अपने धार्मिक स्थल बनाने का अधिकार है। उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी पर सवाल उठाया, जबकि मुर्शिदाबाद की 70 प्रतिशत आबादी मुस्लिम समुदाय की है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और सरकारों को निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मंदिर या मस्जिद बनाने में कोई गलती नहीं है, लेकिन अगर इसे ‘धार्मिक उन्माद फैलाने’ के लिए बनाया जा रहा है, तो यह गलत है।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने हुमायूं कबीर द्वारा अकटकट के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह एक लोकतांत्रिक देश है और वे ऐसा कर सकते हैं। पात्रा ने ळटउ और हुमायूं कबीर दोनों पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी विकास की राजनीति के लिए खड़ी है।



