अमरोहा
1150 गन्ने पर बड़ा विवाद
त्रिवेणी चीनी मिल चंदनपुर में BHU भीमराव आंबेडकर का हल्लाबोल धरना प्रदर्शन चार घंटे थमी रही मिल की चैन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा/रहरा त्रिवेणी चीनी मिल चंदनपुर बुधवार को किसानों के उग्र आंदोलन का केंद्र बन गई, जब भारतीय किसान यूनियन भीमराव अंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी के नेतृत्व में किसानों ने मिल अधिकारियों के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन की आग उस समय भड़क उठी जब किसानों ने मिल पर घटतोली और गन्ना रिजेक्ट के गंभीर आरोप लगाए।
किसानों का आरोप था कि प्रदेश की सभी मिलों में 1150 क्वालिटी का गन्ना सहजता से स्वीकार किया जा रहा है, लेकिन त्रिवेणी च चीनी मिल चंदनपुर उसे मनमाने ढंग से रिजेक्ट कर रही है। इसी आरोप को लेकर किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सुबह से ही सैकड़ों किसान मिल गेट पर जमा हो गए और देखते ही देखते पूरा परिसर नारों से गूंज उठा।
आक्रोशित किसानों ने मिल के सभी गेट बंद करा दिए, ताकि किसी भी कीमत पर पेराई का काम शुरू न हो सके। नतीजतन मिल की चैनें लगभग चार घंटे तक पूरी तरह ठप रहीं। गन्ना लदे ट्रॉली, ट्रैक्टर और ट्रक बाहर ही जमे रहे,
धरने के दौरान क्षेत्राधिकारी हसनपुर मौके पर पहुंचे, लेकिन यहां भी माहौल शांत नहीं हो सका। किसानों और क्षेत्राधिकारी के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। किसान पीछे हटने को तैयार नहीं थे और प्रशासन पर आरोपों की बौछार करते रहे। काफी समझाइश की
वार्ता के बाद मिल अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण आश्वासन दिया
“1150 गन्ना अगले तीन दिन तक सामान्य श्रेणी में तोला जाएगा। इसके बाद मिल की तकनीकी टीम गन्ने की जांच करेगी। यदि गन्ना ‘अर्ली’ कैटेगरी का पाया गया तो उसे अर्ली में तोला जाएगा और यदि ‘सामान्य’ क्वालिटी का होगा तो सामान्य में ही स्वीकार किया जाएगा।”
हालांकि किसान इस आश्वासन को आधा समाधान मान रहे हैं और अभी भी सतर्क हैं।
किसानों ने साफ कर दिया है कि यदि वादे के अनुसार कार्रवाई न हुई, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
त्रिवेणी चीनी मिल चंदनपुर की इस हलचल ने एक बार फिर दिखा दिया कि गन्ना किसान अपनी मेहनत के मूल्य पर समझौता करने को तैयार नहीं और जब अन्याय होता है, तो धरना उनका सबसे मजबूत हथियार बन जाता है।




