सिंगरौली
देवसर में प्रशासन का ‘इकबाल’ खत्म
3 दिन का वादा 3 महीने में टूटा, फिर लौटा अतिक्रमण का आतंक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। जिले के देवसर मुख्य बाजार और चितरंगी रोड पर प्रशासन की कार्यप्रणाली ‘कागजी शेर’ साबित हो रही है। 15 दिसंबर को उग्र चक्काजाम के बाद नायब तहसीलदार और एसडीएम ने 3 दिनों में सड़क खाली कराने का लिखित भरोसा दिया था, लेकिन 3 महीने बीतते ही अतिक्रमणकारियों ने फिर से एनएच-39 की पटरियों पर टीन शेड तान दिए हैं।
हादसों को दावत, रसूखदारों का कब्जा: अतिक्रमण की भेंट चढ़ी यह सड़क अब ‘डेथ ट्रैप’ बन चुकी है। पूर्व में एक बुजुर्ग मोची की जान जाने के बाद भी जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद में हैं। विडंबना देखिए कि शासन ने करोड़ों की लागत से अंबेडकर सब्जी मंडी बनवाई है, जो खाली पड़ी है, जबकि रसूखदार व्यापारी सड़क पर कब्जा जमाए बैठे हैं। सहूआर चौराहे से एसबीआई बैंक तक पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
नए एसडीएम के लिए अग्निपरीक्षा: तत्कालीन एसडीएम के तबादले के बाद पूरी फाइल ठंडे बस्ते में चली गई है। अब क्षेत्र की जनता की निगाहें नए एसडीएम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन का ‘पीला पंजा’ (बुलडोजर) इन रसूखदारों पर चलेगा या देवसर की जनता यूं ही हादसों के साये में जीने को मजबूर रहेगी?



