झारखंड

विश्व यक्ष्मा दिवस पर 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित, “चिकित्सकों का योगदान अमूल्य, उनकी सेवाएं जीवनभर याद रहती हैं” — डॉ. इरफान अंसारी

Appointment letters distributed to 76 medical officers on World Tuberculosis Day, “The contribution of doctors is invaluable, their services are remembered for a lifetime” – Dr. Irfan Ansari

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर नामकुम स्थित आईपीएच प्रेक्षागृह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के तत्वावधान में संविदा आधारित चयनित चिकित्सा पदाधिकारियों के बीच नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का योगदान समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और उनकी सेवाएं जीवनभर याद रखी जाती हैं। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आने वाले समय में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जाएंगी।
जेपीएससी के माध्यम से 1250 डॉक्टरों की होगी नियुक्ति
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए शीघ्र ही झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से 1250 चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य किया गया है, जिससे राज्य का चिकित्सा ढांचा और मजबूत होगा।
मेडिकल यूनिवर्सिटी और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
डॉ. अंसारी ने कहा कि राज्य में पहली बार मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है, जिससे छात्रों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध होगी। साथ ही प्रमुख अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी आधुनिक सुविधाओं को सुलभ बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि ब्लड सप्लाई सिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए टोल-फ्री आधारित नई व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके अलावा सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलाया जाएगा।
2030 तक टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य
राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में अभियान चलाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए एआई एवं रोबोटिक तकनीक के उपयोग पर भी कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में चलाए गए अभियान के दौरान लगभग 9.5 लाख लोगों की टीबी जांच की गई, जबकि इस वर्ष 12 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। जागरूकता अभियान को मिलेगा विस्तार अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि 24 मार्च को विश्व यक्ष्मा दिवस मनाया जाता है। आगामी 100 दिनों में राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की स्क्रीनिंग, जांच, जागरूकता और उपचार कार्यों को और तेज किया जाएगा। साथ ही लंबित प्रोत्साहन राशि के भुगतान का भी निपटारा किया जायेगा। कार्यक्रम के दौरान टीबी उन्मूलन अभियान के तहत जागरूकता वाहनों को भी रवाना किया गया। कार्यक्रम का समापन राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने एवं टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, शशि प्रकाश झा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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