
नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो
जामताड़ा: जिले के चेंगाईडीह कोलटोला में जमीन मुआवजा को लेकर एक ही परिवार के भीतर विवाद गहराता जा रहा है। मामला NH-419 सड़क निर्माण से जुड़ा है, जिसके तहत रूप नारायणपुर से पोखरिया मोड़ तक बनने वाली सड़क में प्रभावित जमीन के बदले मुआवजा राशि दी गई है। जानकारी के अनुसार, रैयत भूचर मियां के नाम पर करीब 24 लाख 60 हजार रुपये का मुआवजा मिला था। उक्त राशि उनके दो बेटों स्वर्गीय नूर मोहम्मद और स्वर्गीय बक्स के बीच बांटी गई। इसमें स्वर्गीय नूर मोहम्मद के हिस्से में 12 लाख 30 हजार रुपये आए। बताया जाता है कि स्वर्गीय नूर मोहम्मद के दो बेटे—स्वर्गीय हनीफ मियां और राजू मियां—और पांच बेटियां हैं। परिवार के अनुसार, मुआवजा राशि को लेकर पूर्व में कोर्ट के माध्यम से एक एग्रीमेंट किया गया था, जिसमें तय हुआ था कि दोनों भाई अपनी-अपनी ओर से 1 लाख 75 हजार रुपये पांचों बहनों को देंगे। इसमें राजू मियां द्वारा अपनी हिस्सेदारी की राशि बहनों को दे दी गई, जबकि दूसरे भाई स्वर्गीय हनीफ मियां के निधन के बाद उनका हिस्सा उनके बेटे लाल बाबू के पास है। आरोप है कि लाल बाबू अब उक्त एग्रीमेंट के तहत 1 लाख 75 हजार रुपये देने से इनकार कर रहा है। इधर, लाल बाबू के छोटे भाई कल्लू अंसारी ने भी आरोप लगाया है कि उन्हें उनके हिस्से की राशि नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने पिता की बहनों के हक की बात उठाई, तो उनके साथ मारपीट की गई और घर से बाहर निकाल दिया गया। साथ ही जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। कल्लू अंसारी ने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना में लाल बाबू के ससुर जमशेद अंसारी भी शामिल थे, जिन्होंने परिवार के अंदरूनी मामले में हस्तक्षेप किया। दूसरे पक्ष से संपर्क करने पर बताया गया कि वे जल्द ही अपना पक्ष रखेंगे। फिलहाल, मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।



